टिकट न लगने से प्रतिमाह लाखों का हो रहा नुकसान

कुशीनगर महापरिनिर्वाण मंदिर में दर्शन करने बड़ी संख्या में देसी व विदेशी पर्यटक आते हैं यदि यहां के देसी पर्यटकों की संख्या देखी जाए तथा दस रुपये का ही टिकट लगाया जाए तो तकरीनबन साढ़े सात लाख रुपये का नुकसान हो रहा है विदेशियों से और आय हो सकती है।

JagranFri, 30 Jul 2021 04:00 AM (IST)
टिकट न लगने से प्रतिमाह लाखों का हो रहा नुकसान

कुशीनगर: अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र कुशीनगर के महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर के दर्शन के लिए प्रवेश शुल्क की व्यवस्था नहीं होने से प्रतिमाह लगभग साढ़े सात लाख रुपए राजस्व की हानि हो रही है। यह तो अभी भारतीय पर्यटकों की संख्या और न्यूनतम प्रति व्यक्ति 10 रुपये शुल्क पर अनुमानित हानि है। जब विदेशी पर्यटक आएंगे तो यह राजस्व क्षति और बढ़ जाएगी क्योंकि उनके लिए टिकट का मूल्य भारतीय पर्यटकों से अधिक होता है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (भापुस) कुशीनगर ने राजस्व क्षति को रोकने के लिए जिला स्तरीय पर्यटन विकास की बैठक में प्रमुखता से उठाया है। कुशीनगर में रामाभार स्तूप परिसर में रात में लाइट एंड साउंड प्रोग्राम प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम को देखने के लिए टिकट लगेगा। अब सवाल यह है कि एक ही स्मारक पर प्रवेश के लिए रात को टिकट लगेगा तो दिन में स्मारकों के दर्शन के लिए टिकट क्यों नहीं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण उप अंचल कुशीनगर के संरक्षण सहायक शादाब खान का कहना है कि सारनाथ अंचल के पांच स्मारकों के लिए टिकट व्यवस्था लागू है। इसमें चौखंडी स्तूप, धम्मेक स्तूप, मानमहल, लार्ड कर्नावालिस का मकबरा और संग्रहालय शामिल हैं। कुशीनगर उपंचल में 17 स्मारक स्थित हैं। केवल कुशीनगर के स्मारकों के लिए टिकट लगाने का प्रस्ताव महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, दिल्ली को भेजा गया है। महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर दर्शन के लिए प्रवेश शुल्क की व्यवस्था न होने से फिलहाल वर्तमान में प्रति माह साढ़े सात लाख रुपये राजस्व की क्षति हो रही है। जब विदेशी पर्यटक आएंगे तो यह राशि और भी बढ़ जाएगी। शनिवार व रविवार को भी खुला रहेगा बुद्ध मंदिर

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण कुशीनगर के अधीन संचालित महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर व अन्य संरक्षित स्मारक अब शनिवार और रविवार को भी खुले रहेंगे। यह आदेश ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कसया पूर्ण बोरा ने दिया है।

संरक्षण सहायक शादाब खान ने बताया कि अब तक बुद्ध मंदिर व स्मारक कोविड-19 के कारण शनिवार व रविवार को बंद रहते थे। अब इन्हें खोलने का आदेश मिला है। पर्यटकों को कोविड प्रोटोकाल का पालन करना (मास्क लगाना) अनिवार्य होगा। मंदिर परिसर में एक साथ अधिकतम 50 पर्यटक ही प्रवेश कर सकेंगे। मंदिर के अंदर दर्शन/पूजा करने के लिए एक साथ पांच लोग ही जा सकेंगे।

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