Gorakhpur Metro: मेट्रो के धरातल पर उतरने की बढ़ी उम्‍मीद, दो रूटों पर चलेगी तीन कार वाली मेट्रो

गोरखपुर में तीन कोच वाली लाइट मेट्रो के डीपीआर को कैबिनेट ने भी अपनी मंजूरी भी दे दी है! सरकार ने बजट में भी गोरखपुर वाराणसी और अन्य शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान सुनिश्चित कर दिया है।

Pradeep SrivastavaThu, 02 Dec 2021 01:01 PM (IST)
गोरखपुर मेट्रो को यूपी कैब‍िनेट ने मंजूरी दे दी है। - फाइल फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। बीआरडी मेडिकल कालेज से नौसढ़ तथा श्याम नगर से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तक की यात्रा चंद मिनटों में पूरी हो जाएगी। यह संभव होगा उस मेट्रो रेल सेवा से जिसके निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। गोरखपुर लाइट रेल ट्रांजिट परियोजना (एलआरटी, गोरखपुर लाइट मेट्रो) के पहले फेज को केंद्र की मंजूरी मिलते ही इसके निर्माण की राह भी आसान हो गई है। अब इसके शिलान्यास की तैयारी शुरू हो गई है। लाइट मेट्रो से आवागमन तो आसान होगा ही, शहर की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। राहगीरों को आटो का इंतजार करना होगा और न ही मनमाना किराया देना पड़ेगा। उन्हें जाम से मुक्ति मिलेगी तो शहर में प्रदूषण पर भी नियंत्रण लगेगा।

गोरखपुर लाइट मेट्रो के पहले फेज को केंद्र की मंजूरी के बाद आसान हुई निर्माण की राह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर के माध्यम से गोरखपुर लाइट मेट्रो के पहले फेज को केंद्र की मंजूरी की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा है कि गोरखपुर में मेट्रो सेवा आरंभ करने की प्रक्रिया तीव्र गति से बढ़ रही है। इसी कड़ी में पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआइबी) की बैठक में गोरखपुर लाइट मेट्रो के फेज-वन की स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

तीन कार वाली चलेगी मेट्रो, दो कारिडोर में बनेंगे 27 स्टेशन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर गोरखपुर शहर में तीन कोच वाली लाइट मेट्रो के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को कैबिनेट ने भी अपनी मंजूरी भी दे दी है। वर्ष 2024 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। सरकार ने बजट में भी गोरखपुर, वाराणसी और अन्य शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान सुनिश्चित कर दिया है। डीपीआर के मुताबिक गोरखपुर मेट्रो के लिए दो कारिडोर होंगे। दोनों कारिडोर पर कुल 27 स्टेशन बनाए जाएंगे। सभी स्टेशन एलिवेटेड यानी ऊपर बनाए जाएंगे। मेट्रो में लगभग 4672 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है।

15.14 किमी लंबा होगा पहला कारिडोर

पहला कारिडोर श्याम नगर से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तक 15.14 किमी लंबा होगा। इसमें 14 स्टेशन बनाए जाएंगे। अनुमान है कि वर्ष 2024 में 1.55 लाख लोग इसमें रोजाना सफर करेंगे। यह संख्या वर्ष 2031 में बढ़कर 2.05 लाख होगी, जबकि अगले दस साल यानी वर्ष 2041 तक इसमें 2.73 लाख लोग रोजाना सफर कर सकेंगे।

12.70 किमी लंबा होगा दूसरा कारिडोर

दूसरा कारिडोर बीआरडी मेडिकल कालेज से नौसढ़ के बीच बनेगा, जो 12.70 किमी लंबा होगा। इसमें 13 स्टेशन प्रस्तावित है। अनुमान है कि वर्ष 2024 में 1.24 लाख लोग इसमें रोजाना सफर करेंगे। यह संख्या वर्ष 2031 में बढ़कर 1.73 लाख होगी। जबकि अगले 10 साल यानी वर्ष 2041 तक इसमें 2.19 लाख लोग रोजाना सफर कर सकेंगे। शुरुआत में मेट्रों से रोजाना 600 लोग यात्रा कर सकेंगे।

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