Corona Fighters : मन मजबूत रखें, उचित इलाज कराकर आसानी से हराया जा सकता है कोरोना संक्रमण को

कुशीनगर के नौतन हर्दो निवासी रोहिताश्व पांडेय। जागरण

Corona Fighters उचित इलाज व सजगता बरत कर लोग तेजी से कोरोना को हरा रहे हैं। बीमारी की पुष्टि होने पर घबराएं बिलकुल नहीं मन मजबूत रखें। डाक्टर से सलाह लें। उचित इलाज कराएं। ऐसा कर कोरोना को आसानी से हराया जा सकता है।

Rahul SrivastavaTue, 04 May 2021 11:14 AM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन : उचित इलाज व सजगता बरत कर लोग तेजी से कोरोना को हरा रहे हैं। बीमारी की पुष्टि होने पर घबराएं बिलकुल नहीं, मन मजबूत रखें। डाक्टर से सलाह लें। उचित इलाज कराएं। ऐसा कर कोरोना को आसानी से हराया जा सकता है। कोरोना को मात दे कर स्वस्थ जीवन जी रहे लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।

कोरोना की पुष्टि होने पर हवादार कमरे में खुद को कर लिया क्‍वारंटाइन

कुशीनगर जिले के नौतन हर्दो निवासी रोहिताश्व पांडेय ने कहा कि बीमारी की पुष्टि होने पर खुद को हवादार कमरे में क्वारंटीन कर लिया। डाक्टरों की सलाह पर दवाएं लीं। दिन में नियमित रूप से तीन बार भांप ली और योग कर मन को मजबूत रखा। बीमारी का भय मन पर कभी हावी नहीं होने दिया। दवाओं के साथ घरेलू उपचार अदरक के रस में लहसुन व मधु का भी सेवन किया। छींक या खांसी आ रही हो तो मुंह के सामने टिश्यू पेपर जरूर रखें। अगर टिश्यू पेपर नहीं हो तो हाथ को आगे कर कोहनी से मुंह को ढ़कें। पौष्टिक आहार लें, खट्टै फलों का सेवन करें। भोजन में दोनों समय दूध व कच्ची हल्दी का प्रयोग करें। काढ़े का सेवन करें। इन उपायों को कर 14 दिनों में मैं पूरी तरह स्वस्थ हो गया था। घबराएं नहीं, मन को मजबूत रखें, बीमारी जरूर हारेगी।

मजबूत आत्‍मबल, संयम व डाक्‍टर की सलाह से हार जाएगा कोरोना

कसया के शैलेश कुमार ने कहा कि मजबूत आत्मबल, इच्छाशक्ति, संयम व डाक्टरों की सलाह से कोरोना को हराया जा सकता है। परिषदीय शिक्षक शैलेश कुमार ने इसको आत्मसात कर कोरोना को मात दी। वह बताते हैं कि बुखार आने पर कोरोना की जांच कराई तो रिपोर्ट पाजिटिव आई, लेकिन मजबूत आत्मबल के चलते बीमारी को मन पर हावी नहीं होने दिया।

संयमित दिनचर्या व योगा ने दी मजबूती

संयमित दिनचर्या के बीच नियमित रूप से योगा से मन व शरीर को और भी मजबूती दी। दिन में तीन बार गरारा किया। चार, पांच बार भाप तथा डाक्टर की सलाह ली। आक्सीमीटर से आक्सीजन लेवल से आक्सीजन का स्तर जांचता रहा। 14 दिन बाद दुबारा आरटीपीसीआर जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। बीमारी की पुष्टि होने पर घबराएं नहीं बल्कि मन को मजबूत कर जरूरी उपाय करें। 

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