भरोसे की रोशनी बन संक्रमण के अंधेरे से लड़ीं काजल

भरोसे की रोशनी बन संक्रमण के अंधेरे से लड़ीं काजल

पडरौना नगर क्षेत्र में मिले तीन सौ से अधिक कोरोना संक्रमित हुए थे होम आइसोलेट सभी के घर जाकर काउंसिलिंग की दवाएं दीं अब फिर जुट गई हैं जांच में योग व नियमित दिनचर्या से रखती हैं खुद को फिट विभाग ने उनको सम्मानित भी किया है।

JagranTue, 20 Apr 2021 04:00 AM (IST)

कुशीनगर : संक्रमण का अंधेरा चाहे कितना घना क्यों न हो, भरोसे की रोशनी लेकर लड़ने निकलें तो उसे दूर भगाया जा सकता है। इसी सोच के साथ राजकीय महिला चिकित्सालय में एएनएम के पद पर तैनात काजल कोरोना संक्रमण काल के पहले दौर में आगे बढ़कर होम आइसोलेट हुए कोविड संक्रमित का इलाज करने वाली टीम में शामिल हुई थीं। दवा उपलब्ध कराने के साथ उनकी काउंसिलिंग की जिम्मेदारी ली थी। अब दूसरे दौर में कोरोना टेस्ट लैब में सैंपलिंग कर रही हैं। रोज 130-150 लोगों के सैंपल ले रही हैं। भय व अनिश्चितता के माहौल में बिना डरे ड्यूटी निभाने के उनके साहस पर विभाग ने उन्हें सम्मानित किया ही, लोग उन्हें छोटकी डाक्टर भी कहने लगे हैं।

नगर के साहबगंज दक्षिणी की रहने वाली काजल सिंह मार्च 2019 में राजकीय महिला चिकित्सालय में एएनएम नियुक्त हुईं थीं। नौकरी करते एक साल ही बीता था कि कोरोना महामारी सामने आ खड़ी हुई। बचाव के लिए न समुचित साधन थे ना कारगर इलाज। जिले में बीमारी तेजी से फैल रही थी। हर रोज 30 से 50 लोगों में इस महामारी की पुष्टि हो रही थी। घर वाले भी संक्रमितों को छूने से डर रहे थे। बच्चों के टीकाकरण की जिम्मेदारी निभा रही काजल इन परिस्थितियों में खुद आगे बढ़ीं और कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगी टीम के साथ काम करने की इच्छा जताई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.मंजुला ने काजल की डयूटी कोविड टीम में लगा दी। काजल अपनी सहयोगी एएनएम पूजा के साथ संक्रमित मरीजों के नाम, पते वाली ड्यूटी चार्ट को लेकर नगर क्षेत्र में होम आइसोलेट मरीजों के घर पहुंचतीं। उनका हाल पूछतीं। काउंसिलिंग करतीं। दवा देतीं। अप्रैल से सितंबर तक 313 संक्रमितों के घर पहुंच कर सेवा दीं। बकौल काजल, घरवालों को पता चला कि होम आइसोलेट मरीजों के घर जाती हूं तो मां-पिता समेत सभी घबरा उठे थे। मैंने उन्हें समझा-बुझाकर मना लिया। उस वक्त की गई ड्यूटी पर आज पूरे परिवार को गर्व है। अब कोरोना की दूसरी लहर में काजल महिला चिकित्सालय में हर दिन 130 से 150 लोगों की कोरोना जांच करतीं हैं। काजल बताती हैं कि उनका काम जोखिम भरा है। खुद को स्वस्थ रखने के लिए वह हरी सब्जियां, पौष्टिक आहार का सेवन करती हैं। दोनों समय योग करती हैं। सुबह शाम काढ़ा का भी सेवन करतीं हैं।

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