पापा को मैसेज भिजवाया मर गई आपकी बेटी, पुलिस ने खोजा तो प्रेमी के साथ मिली Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर के चौरीचौरा से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता काजल को पुलिस ने प्रेमी के साथ गोरखपुर में रेलवे स्टेशन रोड से गिरफ्तार कर लिया है। काजल ने पुलिस को बताया कि प्रेमी के साथ शादी करना चाह रही थी। परिजन इसके लिए राजी नहीं होते। इसलिए उसने खुद ही अपनी हत्या की कहानी गढ़ डाली। झूठे सबूत तैयार करने, पुलिस को गुमराह करने और अफवाह फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

आगरा का रहने वाला है काजल का प्रेमी

काजल के प्रेमी की पहचान आगरा जिले के खंदौली क्षेत्र में प्यायू खंदौली गांव निवासी राधेश्याम शर्मा के पुत्र हरिमोहन शर्मा के रूप में हुई है। क्षेत्राधिकारी चौरीचौरा ने बताया कि हरिओमनगर कालोनी निवासी अनिल पांडेय की बेटी काजल, अपैल 2018 में स्टार सिंगिंग एप के जरिए हरिमोहन शर्मा के संपर्क में आई थी। दिसंबर 2018 और मार्च 2019 में हरिमोहन, प्रेमिका से मिलने गोरखपुर आया था।

घर से भागकर शादी का फैसला

पंद्रह दिन पहले काजल ने घर से भागकर प्रेमी से शादी करने का फैसला किया। उसके बुलावे पर घटना वाले दिन हरिमोहन, चौरीचौरा पहुंचा। टेंपो से दोनों कुसम्हीं जंगल में वनसप्ती माता मंदिर के पास आए। जंगल में जाकर ग्लिसरीन में लाल रंग मिलाकर खून जैसा दिखने वाला तरल तैयार किया। उसे काजल के सिर पर पोतने के बाद उसका हाथ, पैर और मुंह बांधकर उसी के मोबाइल फोन से हरिमोहन ने फोटो खींची। वही फोटो पिता के वाट््स एप नंबर पर भेजने के बाद दोनों फरार हो गए। वाट्स एप पर उसकी हत्या का संदेश मिलने के बाद पिता ने पुलिस को सूचना दी। एक दुकानदार और उसके कर्मचारी पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कर पुलिस काजल की तलाश कर रही थी।

जेल से छूटने के बाद साथ रहेंगे

काजल ने स्वीकार किया कि उसके गायब होने, पिता को घायल और मरी हुई अवस्था में फोटो भेजने तथा हत्या की सूचना देने के साथ ही घर से जाने का निर्णय उसका खुद का था। हरिमोहन ने बिना सवाल किए उसके हर फैसले में साथ दिया। जेल से छूटने के बाद वह उसी के साथ रहेगी। हरिमोहन ने भी यही बात दोहराई। उसका कहना था कि इतना कुछ होने के बाद काजल का साथ छोडऩे का सवाल ही नहीं उठता। जेल से छूटने के बाद शादी कर दोनों साथ रहेंगे।

केमिकल इंजीनियरिंग में बी टेक है हरिमोहन

काजल का प्रेमी हरिमोहन केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। गाजियाबाद के एक निजी इंजीनियरिंग कालेज से उसने पढ़ाई की है। अपने प्रेम संबंध के बारे में उसने अपनी भाभी को बता रखा था। मंगलवार को काजल के साथ भागने के बारे में भी उसने भाभी को बताया था। रविवार को प्रेमिका के साथ उसे गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने परिवार के लोगों को फोन से इसकी जानकारी दी।

परिजनों से पूछताछ में मिले अहम सुराग

काजल का काई सुराग न लग पाने से परेशान पुलिस ने उसके गायब होने के तीसरे दिन परिवार के लोगों से पूछताछ करने का फैसला किया। पहले से परिवार के सभी सदस्यों से एक साथ उसकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की गई लेकिन बाद में काजल के माता-पिता और भाई-बहनों से अलग-अलग बात की। अलग-अलग बातचीत में ही पुलिस को आगरा के हरिमोहन के बारे में पता चला था। पुलिस के लिए यह अहम कड़ी थी। जिसकी मदद से मामले का पर्दाफाश करने में सफल हुई।

अलग-अलग फेंका था सिम और मोबाइल फोन

मोबाइल एप के जरिए बातचीत करते हुए काजल से संबंध गहरा होने पर हरिमोहन दो बार उससे मिलने गोरखपुर आया था। इस साल मार्च में वह दूसरी बार जब उससे मिलने आया था उसे सिम लगा हुआ मोबाइल फोन भेंट किया था। उस नंबर के बारे में सिर्फ हरिमोहन तथा मां, बहनों व भाइयों तथा फुफेरे भाई को ही जानकारी थी। कुसम्हीं जंगल से हत्या की फोटो खींच कर पिता को भेजने के बाद उन्होंने मोबाइल का सिम निकालकर वहीं फेंक दिया। जंगल से निकलकर शहर आने के लिए टेंपो में सवार हुए। कूड़ाघाट पहुंचने पर चलती टेंपो से मोबाइल फोन भी उन्होंने नाले में फेंक दिया।

 

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