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Coronaviras: संक्रमित 25 सिपाहियों को बैरक में किया आइसोलेट, अब डाक्‍टर देखने तक नहीं जा रहे Gorakhpur News

Coronaviras: संक्रमित 25 सिपाहियों को बैरक में किया आइसोलेट, अब डाक्‍टर देखने तक नहीं जा रहे Gorakhpur News
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 11:48 AM (IST) Author: Pradeep Srivastava

गोरखपुर, जेएनएन। पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) में दीवान पद पर प्रमोशन की ट्रेनिंग चल रही है। विभिन्‍न क्षेत्रों से सिपाही आए हुए हैं। इसमें 25 कोरोना संक्रमित मिल गए। उन्हें बैरक में ही आइसोलेट कर दिया गया। आज तक डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की जांच करने नहीं गए, जबकि अनेक उम्रदराज सिपाही शुगर, बीपी व सांस की तकलीफ से परेशान हैं। स्वजन ने बताया कि वहां चस्पा किए गए हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने पर कोई उठा नहीं रहा है। स्वजन का कहना है कि संक्रमित होने के बाद अधिकारियों ने उन पर ध्यान देना बंद कर दिया है। न तो उनका इलाज हो रहा है और न ही हल्दी-दूध दिया जा रहा है। जबकि अनेक की तबीयत खराब है।

संक्रमित सिपाहियों को निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से जरूरत पड़ने पर दवाएं दी जा रही हैं। एक अधिकारी भी संक्रमित हैं। वह भी वहीं पर हैं। सभी सिपाही हमारे परिवार के सदस्य हैं। किसी को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - किरन यादव , एसपी, पीटीएस

शहर में कोरोना की रोकथाम करेंगी ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य टीमें

स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेट मरीजों की निगरानी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों की राष्‍ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की ए व बी टीमों अब शहर में लगा दिया है। ये टीमें यहां कोरोना की रोकथाम के लिए प्रयास करेगी। डॉक्टर शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर वाहन के साथ जाएंगे और क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों के साथ कोरोना पॉजिटिव मरीजों के घर जाकर उनकी जांच व इलाज करेंगे। शासन की अनुमति मिलने के बाद ज्यादातर कोरोना मरीजों ने होम आइसोलेशन का विकल्प चुना है। लेकिन उनकी शिकायत रही है कि उन्हें पूछने वाला कोई नहीं है। कंट्रोल रूम में फोन करने के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों की आरबीएसके टीमों को शहर के एक-एक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र आवंटित किए गए हैं। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि ये सभी टीमें कोरोना मरीजों के घर जाएंगी। स्थिति गंभीर होने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करेंगी।

13 की संख्या में है बी टीमें

उपरोक्त ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही कौड़ीराम, पाली व बांसगांव की आरकेबीएसके की बी टीम जटेपुर, बिछिया, जाफरा बाजार, सिविल लाइंस, छोटे काजीपुर, निजामपुर, अंधियारी बाग, दीवान बाजार, पुर्दिलपुर, इस्लाम चक, इलाहीबाग, तारामंडल व रामपुर स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के मरीजों का सर्वे करेगी।

20 रैपिड एक्शन टीमें तैनात, 10 टीमें शहर और 10 ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमित मरीजों की करेंगी निगरानी

गोरखपुर जिला प्रशासन ने होम आइसोलेसन में रहे रहे गैर लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीजों की सीधी निगरानी के लिए रैपिड एक्शन टीम का गठन किया है। टीम में डाक्टर से लेकर एएनएम और आशा को भी शामिल किया गया है। टीम को वाहन समेत सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। जिले में ऐसी 20 टीमें बनाई गई हैं। 10 टीमें शहर व 10 टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि टीम होम आइसोलेसन वाले सभी संक्रमितों के घर जाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी। साथ ही इस बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सलाह भी देंगी। टीम यह भी देखेगी कि संक्रमित मरीज के रहने के लिए अलग कमरे और शौचालय आदि की व्यवस्था है या नहीं। टीम संक्रमित के साथ ही परिवार के बाकी लोगों को भी जरूरी एहतियात बरतने का उपाय सुझाएगी। अगर किसी संक्रमित मरीज के घर पर जरूरी सुविधाएं नहीं मिली तो उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। डीएम ने बताया कि 60 साल या उससे अधिक उम्र के संक्रमित मरीज को होम आइसोलेसन की छूट नहीं होगी। इसी तरह अगर कोई पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है तो उसे बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया जाएगा।

किट भी उपलब्ध कराएगी टीम

जिलाधिकारी ने बताया कि सभी रैपिड एक्शन टीमों को स्वास्थ्य किट भी उपलब्ध कराया जा रहा है जिसमें दवाइयों के साथ ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आयुर्वेद के उत्पाद काढ़ा आदि शामिल रहेंगे। किसी संक्रमित के घर पहुंचने के बाद टीम के सदस्य उन्हें यह किट भी प्रदान करेंगे।

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