इंडस्ट्रियल एस्टेट में फ्लैटेड फैक्ट्री का रास्ता साफ, जिला उद्योग केंद्र ने शासन को भेजा प्रस्ताव

गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के बाद अब इंडस्ट्रियल एस्टेट में भी फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने का रास्ता साफ हो गया है। जिला उद्योग केंद्र की ओर से फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। फैक्ट्री का निर्माण हथकरघा विभाग की जमीन पर कराने की योजना है।

Pradeep SrivastavaMon, 20 Sep 2021 07:50 AM (IST)
गोरखपुर के इंडस्ट्रियल एस्टेट में फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने का रास्ता साफ हो गया है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल रेडीमेड गारमेंट को बढ़ावा देने के लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के बाद अब इंडस्ट्रियल एस्टेट में भी फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने का रास्ता साफ हो गया है। जिला उद्योग केंद्र की ओर से फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। फैक्ट्री का निर्माण हथकरघा विभाग की जमीन पर कराने की योजना है। जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया शासन स्तर पर संपन्न होगी। उसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किया जाएगा।

हथकरघा विभाग की जमीन पर बननी है फैक्ट्री, शुरू होगी जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया

रेडीमेड गारमेंट को बढ़ावा देने के लिए चैंबर आफ इंडस्ट्रीज की ओर से कई बार मांग की गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सबसे पहले गीडा में फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने की मंजूरी मिली है। गीडा में 70 उद्यमियों को इकाई लगाने के लिए स्थान मिल सकेगा। गीडा में मंजूरी मिलने के बाद उद्यमियों ने इंडस्ट्रियल एस्टेट गोरखनाथ में भी हथकरघा विभाग की खाली पड़ी जमीन पर फ्लैटेड फैक्ट्री स्थापित करने की मांग की। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल के गोरखपुर आगमन पर उद्यमियों ने यह मांग रखी थी। उद्यमियों की मांग के बाद यहां भी फैक्ट्री बनाने का निर्णय लिया गया है।

कुछ दिन पहले जिला उद्योग केंद्र की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इंडस्ट्रियल एस्टेट में बनने वाली फैक्ट्री में करीब 100 उद्यमियों को इकाई लगाने के लिए जगह मिल सकती है। हथकरघा विभाग को मिली जमीन जिला उद्योग केंद्र के नाम से की जाएगी, उसके बाद डीपीआर तैयार किया जाएगा।

इंडस्ट्रियल एस्टेट में फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन स्तर पर ही जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होनी है। उसके बाद डीपीआर तैयार किया जाएगा। - रवि कुमार शर्मा, उपायुक्त, उद्योग।

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