गोरखपुर में पुल‍िस की कार्यप्रणाली पर भड़के सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ, बोले- थानों पर क्यों नहीं हो रहा समस्याओं का निस्तारण ?

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में थानों और पुलिस चैकियों पर मामलों का निस्तारण न होने के चलते न्याय की आस लेकर जनता दर्शन में पहुंचे फरियादियों की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर मौजूद एसएसपी को इसे लेकर खूब खरी-खोटी सुनाई।

Pradeep SrivastavaSun, 25 Jul 2021 10:56 AM (IST)
गोरखपुर में जनता की समस्‍याएं सुनते सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ। - जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। CM Yogi Adityanath in Gorakhpur: गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन में अपनी कार्य प्रणाली को लेकर पुलिस एक बार फिर निशाने पर रही। थानों और पुलिस चौकियों पर मामलों का निस्तारण न होने के चलते न्याय की आस लेकर जनता दर्शन में पहुंचे फरियादियों की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर मौजूद एसएसपी को इसे लेकर खूब खरी-खोटी सुनाई।

एसएसपी से कहा, हीला-हवाली करने वाले थानाध्यक्षों के खिलाफ करें कार्रवाई

सवालिया लहजे में मुख्यमंत्री ने एसएसपी से कहा कि आखिर पुलिस क्या कर रही है, जो फरियादियों को जनता दर्शन तक आने की जरूरत पड़ रही है। यदि उनके मामले का निस्तारण थानों और पुलिस चौकियों पर हो जाता तो छोटे-छोटे काम के लिए उन्हें मुख्यमंत्री तक पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ती। मुख्यमंत्री ने एसएसपी से कहा कि वह मामले का स्थानीय स्तर पर निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित करें। ऐसा करने में हीला-हवाली करने वाले थानाध्यक्षों और चौकी इंचार्जों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

दरअसल पुलिस की कार्य प्रणाली पर मुख्यमंत्री नाराज इसलिए हो गए क्योंकि फरियादियों में अधिक संख्या उनकी थी, जो स्थानीय स्तर पर पुलिस द्वारा मामले का संज्ञान न लेने की शिकायत लेकर आए थे। कुछ लोगों की शिकायत मुकदमा दर्ज न होने को लेकर थी तो कुछ मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कोई कार्यवाही न होने की शिकायत लेकर आए थे। मंदिर प्रबंधन की मुताबिक मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में करीब 100 लोगों की समस्या सुनीं, जिसमें से 50 फीसद से अधिक मामले पुलिस की लापरवाही और मनमाने रवैये के थे। फरियादियों की समस्या सुनने के लिए मुख्यमंत्री जनता दर्शन में करीब 45 मिनट तक रहे।

कागज की औपचारिकता पूरी करें, इलाज मेें मिलेगा सहयोग

जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में मदद की मांग को लेकर आए थे। ऐसे मामले जब मुख्यमंत्री के सामने आए तो उन्होंने बड़ी संवेदनशीलता के साथ उनकी परेशानी को सुना। उन्हें आश्वस्त किया कि कि अगर वह मदद के मानक के दायरे में आते हैं तो मदद जरूर की जाएगी। इसके लिए उन्हें कागज की औपचारिकता पूरी करनी होगी। औपचारिकता पूरी होते ही इलाज की रकम अस्पताल के खाते में भेज दी जाएगी।

परंपरागत रही मुख्यमंत्री की दिनचर्या

रविवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। तड़के पांच बजे उन्होेंने सबसे पहले बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और उनकी पूजा-अर्चना की। उसके बाद अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। हमेशा की तरह मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद वह गोशाला में गए और आधे घंटे गायों के बीच रहे। उन्हें दुलारा-पुचकारा और अपने हाथ से गुड़-चना भी खिलाया।

मुख्यमंत्री ने देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत मिथिलेश दास द्वारा लाए कुत्ते के डेढ़ महीने बच्चे गुल्लू को दुलराया। उसे अपने हाथ से बिस्किट खिलाया। इसी क्रम में लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए वह हिंदू सेवाश्रम गए, जहां तड़के से अपनी समस्या कहने के लिए गोरखपुर और उसके आसपास के जिलों के फरियादी पहुंचे हुए थे।

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