आइएमए सचिव बोले, अधिकार होता तो बंद करा देते गलत काम करने वाले नर्सिंग होम

शहर के कुछ विशेष इलाकों में तेजी से बढ़ रहे नर्सिंग होम पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने चिंता जताई है। आइएमए का कहना है कि कोविड अस्पताल बना देने के बाद इन अस्पतालों के संचालकों ने मरीजों से जमकर मनमानी की और गाइडलाइन के खिलाफ रुपये वसूले।

Rahul SrivastavaSun, 25 Jul 2021 07:45 PM (IST)
वसूली करने वाले अस्‍पतालों पर कसा जाए शिकंजा। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : शहर के कुछ विशेष इलाकों में तेजी से बढ़ रहे नर्सिंग होम पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने चिंता जताई है। आइएमए का कहना है कि कोविड अस्पताल बना देने के बाद इन अस्पतालों के संचालकों ने मरीजों से जमकर मनमानी की और गाइडलाइन के खिलाफ रुपये वसूले। प्रशासन भी मजबूरी में इन अस्पतालों की वसूली देखता रहा। अब समय आ गया है जब इन अस्पतालों पर कार्रवाई कर मरीजों से ली गई अतिरिक्त धनराशि की वसूली कराई जाए।

जनता को जानना चाहिए कि उनका मरीज जिस अस्‍पताल में है, वो किसका है

आइएमए के अध्यक्ष डा. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव और सचिव डा. वीएन अग्रवाल की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण काल के पहले ही जनता कई नर्सिंग होम में इलाज कराने के बाद परेशान थी। डा. वीएन अग्रवाल ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि जिस अस्पताल में उनके स्वजन भर्ती हैं, वह किनके हैं। यह अस्पताल किनके नाम पर पंजीकृत हैं और कौन-कौन डाक्टर यहां इलाज के लिए आते हैं। ज्यादातर अस्पतालों के बाहर शहर के बड़े डाक्टरों के नाम का बोर्ड लगा दिया जाता है। मरीज नाम देखकर अस्पतालों में आते हैं और वसूली करने वालों के चंगुल में फंस जाते हैं। हकीकत यह है कि जिन नाम का बोर्ड पर जिक्र होता है, वह डाक्टर अस्पताल में जाते ही नहीं हैं।

एंबुलेंस और आशा कार्यकर्ताओं के कमीशन पर फल-फूल रहे

आइएमए के अध्यक्ष और सचिव ने कहा कि एंबुलेंस चालकों और आशा कार्यकर्ताओं के कमीशन के दम पर कई नर्सिंग होम फल-फूल रहे हैं। इनकी वजह से डाक्टरों की छवि खराब होती है।

क्वालीफाइड डाक्टर ही हमारे सदस्य

अध्यक्ष और सचिव ने कहा कि आइएमए के सदस्य वही डाक्टर होते हैं जो क्वालीफाइड होते हैं। गलत करने वाले ज्यादातर नर्सिंग होम में आइएमए के सदस्य नहीं जाते हैं। जो अस्पताल गलत करता है, उसका आइएमए के सदस्य लगातार विरोध करते हैं।

हम खुद नहीं कर सकते कार्रवाई

सचिव डा. वीएन अग्रवाल ने कहा कि आइएमए को कोई प्रशासनिक अधिकार नहीं है। यदि ऐसा होता तो वह खुद ही गलत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता। सामाजिक जिम्मेदारियों और जनता के हित को देखते हुए आइएमए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से गलत करने वाले नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई की हमेशा मांग करता है।

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