दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

गोरखपुर के इस हास्पिटल में हो रही थी अवैध वसूली, मरीज के स्वजन को लौटाए गए रुपये Gorakhpur News

अस्‍पताल में हो रही थी अवैध वसूली, शिकायत पर लौटाए गए रुपये। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

बीएमआरसी हास्पिटल में कोराना संक्रमित मरीज के स्वजन से अवैध वसूली की गई। अवैध वसूली की बातें जब सुर्खियों में आईं तब अस्पताल प्रशासन बैकफुट पर आ गया। अस्पताल प्रशासन अतिरिक्त वसूले गए धन को मरीज के स्वजन को लौटा दिया है।

Rahul SrivastavaSat, 08 May 2021 08:15 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन : शासन के सख्त निर्देश के बावजूद पोस्टमार्टम हाउस के सामने स्थित बीएमआरसी हास्पिटल में कोराना संक्रमित मरीज के स्वजन से अवैध वसूली की गई। अवैध वसूली की बातें जब सुर्खियों में आईं तब अस्पताल प्रशासन बैकफुट पर आ गया। अस्पताल प्रशासन अतिरिक्त वसूले गए धन को मरीज के स्वजन को लौटा दिया है। यह भी कहा है कि वह कहीं और इसकी शिकायत नहीं करेगा।

चिलुआताल थाने पर पीड़‍ित ने दी थी तहरीर

शहर के सिविल लाइंस मुहल्ले के अभिषेक सिंह ने चिलुआताल थाने पर प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उन्होंने अपनी सास नीलम सिंह को बीएमआरसी निजी नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती कराया था। वहां चार घंटे में इलाज के नाम पर 51 हजार रुपये लिए और उसके बदले सिर्फ 27 हजार रुपये की रिसीविंग दी। मामले की जांच शुरू हुई तो अस्पताल संचालक ने उन्हें 40 हजार रुपये लौटाए।

शव से निकाल ली गई थी अंगूठी

बांसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम देउरवीर निवासी बबलू मौर्य ने आरोप लगाया कि उनकी मां गंगोत्री देवी की सांस फूल रही थी। उनका शूगर लेवल भी अधिक था। उन्हें इलाज के लिए बीएमआरसी अस्पताल ले जाया गया तो वहां उनसे पहले 1.10 लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन वह काउंटर पर 40 हजार रुपये नहीं जमा कर सके। उन्होंने कहा कि उन्हें नर्सिंग होम के भीतर नहीं जाने दिया गया। सुबह फिर रुपये जमा कराने की जिद की गई, लेकिन इस दौरान वहां के एक चिकित्सक से बात हुई तो उन्होंने बताया कि उनकी मां की मौत हो चुकी है। बबलू के मुताबिक अस्पताल के कर्मचारियों ने शव से अंगूठी भी निकाल ली थी।

अस्‍पताल ने लौटा दिए 40 हजार रुपये

मरीज के स्वजन अभिषेक सिंह ने कहा कि अस्पताल ने अपनी गलती मान ली। उन्होंने 40 हजार रुपये लौटा दिए हैं, लेकिन ऐसा सिर्फ मेरे ही परिवार के साथ नहीं हुआ है। बहुत लोगों के साथ हुआ है, जिन-जिन लोगों से अस्पताल प्रशासन ने अवैध वसूली की है, उन सभी के रुपयों को लौटाना होगा।

कंफ्यूजन के कारण हुआ था ऐसा

बीएमआरसी नर्सिंग होम के संचालक डा.संजय श्रीवास्तव ने कहा कि अभिषेक जी को कुछ कंफ्यूजन हो गया था। उनसे बात हो गई है। 51 हजार रुपये लेने के मामले में गलती हो गई। जिस स्टाफ के चलते यह सब दिक्कतें आ रही थीं, उसे नर्सिंग होम से निकाल दिया गया। आगे से ऐसी गलतियां नहीं होंगी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.