बच्चों की सेहत और रामगढ़ ताल को सुंदर बनाने के लिए आगे आया एचयूआरएल, खर्च करेगा 39.85 करोड़ रुपये

बच्चों के स्वास्थ्य रामगढ़ताल की सुंदरता और सोनबरसा गांव को माडल के रूप में विकसित करने के लिए हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) 39.85 करोड़ रुपये खर्च करेगा। काम की जिम्मेदारी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की होगी।

Rahul SrivastavaWed, 22 Sep 2021 11:30 AM (IST)
एमओयू दिखाते (दाएं से दूसरे) जीडीए उपाध्यक्ष प्रेमरंजन सिंह, (दाएं से तीसरे) एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित। सौ.एचयूआरएल

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : बच्चों के स्वास्थ्य, रामगढ़ताल की सुंदरता और सोनबरसा गांव को माडल के रूप में विकसित करने के लिए हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) 39.85 करोड़ रुपये खर्च करेगा। काम की जिम्मेदारी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की होगी। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह और एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित ने मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

बैठक में कार्यों को जिम्मेदारी दी गई जीडीए को

एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक ने जीडीए उपाध्यक्ष से मुलाकात की। जीडीए उपाध्यक्ष के कार्यालय में हुई बैठक में कार्य की जिम्मेदारी जीडीए को दी गई। सुबोध दीक्षित ने बताया कि कारपोरेट पर्यावरण उत्तरदायित्व के तहत डीएम विजय किरन आनन्द, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट वीके दीक्षित, महाप्रबंधक कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व संजय चावला के मार्गदर्शन में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। कमिश्नर रवि कुमार एनजी से वार्ता कर एचयूआरएल के प्रबंध निदेशक अरुण कुमार गुप्ता ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों को कराने का आश्वासन दिया है। इस दौरान जीडीए के मुख्य अभियंता पीपी सिंह भी मौजूद रहे।

यह काम होगा

जिले के 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में से तीन में बच्चों का आइसीयू (पीकू) है। एचयूआरएल बचे 17 सीएचसी में पीकू की स्थापना कराएगा। यही नहीं पीकू का पूरा संचालन एक साल तक एचयूआरएल ही करेगा। डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भी तैनाती का जिम्मा एचयूआरएल पर ही होगा। इससे गंभीर हाल में सीएचसी पहुंचे बच्चों के इलाज में आसानी होगी। इस कार्य में 24 करोड़ पांच लाख रुपये खर्च होंगे।

रामगढ़ताल का सुंदरीकरण

रामगढ़ताल पर रोजाना हजारों पर्यटक आते हैं। ताल के किनारे रेलिंग, अच्छी लाइटिंग, टायलेट समेत अन्य कार्यों पर एचयूआरएल तकरीबन 3.50 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके साथ ही 43 एकड़ में फैली वाटर बाडी को पर्यटकों के विचरण लायक बनाने का काम भी तेजी से हो रहा है।

सोनबरसा गांव

12.30 करोड़ रुपये की लागत से एचयूआरएल सोनबरसा गांव को माडल बनाएगा। यहां सड़कों के साथ पेयजल आपूर्ति, शौचालय आदि की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। गांव में पथ प्रकाश की व्यवस्था के साथ ही अन्य मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी। सोनबरसा पूरी तरह इको फ्रेंडली गांव होगा।

ऐसे खर्च होंगे रुपये

17 सीएचसी में पीकू पर - 24.05 करोड़

रामगढ़ताल के सुंदरीकरण पर -3.50 करोड़

सोनबरसा गांव -12.30 करोड़

एचयूआरएल से एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, काम कराएगा जीडीए

जीडीए के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि बच्चों के लिए पीकू स्थापित करने के साथ ही रामगढ़ताल के सुंदरीकरण और सोनबरसा गांव को माडल गांव के रूप में विकसित करने के लिए एचयूआरएल से एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जीडीए काम कराएगा।

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