सप्ताह में तीन दिन निरस्त रहेगी हमसफर एक्सप्रेस, कई ट्रेनों के फेरे कम हुए Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। कोहरे को लेकर रेलवे प्रशासन ने प्रमुख ट्रेनों के फेरों में भी कटौती कर दी है। 16 दिसंबर से तीन फरवरी तक गोरखपुर से रोजाना चलने वाली हमसफर एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन निरस्त रहेगी। सोमवार को 12595 तथा बुधवार और शुक्रवार को 12571 हमसफर एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।

फेरा कम होने वाली कुछ प्रमुख ट्रेनें

12571 गोरखपुर-आनन्द विहार टर्मिनस एक्सप्रेस 18, 20, 25, 27 दिसंबर व एक, तीन, आठ, दस, 15, 17, 22, 24, 29 एवं 31 जनवरी को निरस्त रहेगी।

12572 आनन्द विहार टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस 19, 21, 26, 28 दिसंबर तथा दो, चार, नौ, 11, 16,18, 23, 25, 30 31 जनवरी एवं एक फरवरी को नहीं चलेगी।

12595 गोरखपुर-आनन्द विहार टर्मिनस एक्सप्रेस 16, 23, 30 दिसंबर व छह, 13, 20, एवं 27 जनवरी को नहीं चलेगी।

12596 आनन्द विहार टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस 17, 24, 31 दिसंबर व सात, 14, 21 एवं 28 जनवरी को नहीं चलेगी।

11124 ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस 16, 19, 23, 26, 30 दिसंबर व 02, 06, 09, 13, 16, 20, 23, 27, 30 जनवरी को नहीं चलेगी।

11123 बरौनी -ग्वालियर एक्सप्रेस 17, 20, 24, 27, 31 दिसंबर व 03, 07, 10, 14, 17, 21, 24, 28 एवं 31 जनवरी को नहीं चलेगी।

15705 कटिहार-दिल्ली एक्सप्रेस 19, 26 दिसंबर व दो, नौ 16, 23 एवं 30 जनवरी को नहीं चलेगी।

15706 दिल्ली-कटिहार एक्सप्रेस 20, 27 दिसंबर व तीन, दस, 17, 24 एवं 31 जनवरी को नहीं चलेगी।

15054 लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31 दिसंबर व दो, चार, सात, नौ, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28 एवं 30 जनवरी को नहीं चलेगी।

15053 छपरा-लखनऊ एक्सप्रेस 18, 20, 22, 25, 27, 29 दिसंबर व एक, तीन, पांच आठ, 10, 12, 15, 17, 19, 22, 24, 26, 29 एवं 31 जनवरी को नहीं चलेगी।  

वाराणसी, प्रयागराज के लिए कचहरी से पकडि़ए बसें

खिरकार, इंतजार की घडिय़ां समाप्त हो गईं। शनिवार को गोरखपुर को अति आधुनिक कचहरी बस डिपो की सौगात मिल गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 269.41 लाख रुपये से निर्मित बस डिपो का लोकार्पण किया। नगर निगम कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 127.18 करोड़ की लागत वाली 180 परियोजनाओं का शिलान्यास और कचहरी बस डिपो सहित 55.47 करोड़ की लागत से तैयार 53 परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

राप्तीनगर डिपो की औसत रोजाना 200 बसें कचहरी डिपो से ही चलाई जाएंगी। बसों का संचलन शुरू हो गया है। वाराणसी, प्रयागराज, मऊ, आजमगढ़, बड़हलगंज और दोहरीघाट रूट के यात्रियों को राहत मिलेगी। नए बस डिपो परिसर में आठ प्लेटफार्म तैयार हैं। बसों और यात्रियों की निगरानी के लिए परिसर में सीसी कैमरे लगे हैं। यात्री ही नहीं चालकों और परिचालकों के लिए भी विश्रामालय की अतिरिक्त सुविधा है।

पैडलेगंज चौराहे पर जाम से मुक्ति

राप्तीनगर डिपो की बसें अब पैडलेगंज चौराहे पर नहीं खड़ी होंगी। बसें कचहरी बस डिपो से ही चलाई जाएंगी। चौराहे पर जाम की समस्या भी समाप्त हो जाएगी। विकल्प के रूप में पैडलेगंज में बसें खड़ी हो रही थीं। लोग धूप और बारिश में सड़क पर खड़े होकर बसों का इंतजार करने को मजबूर थे।

कचहरी बस डिपो में मिलने वाली सुविधाएं 

डिस्प्ले बोर्ड पर चलती रहेगी बसों की समय-सारिणी।

यात्रियों के लिए विश्रामालय, दिव्यांगों के लिए अतिरिक्त सुविधा।

पुरुष और महिलाओं के लिए प्रसाधन केंद्र।

अति आधुनिक पूछताछ और बुकिंग काउंटर।

परिसर में कैंटीन की व्यवस्था। 

शुद्ध पानी के लिए आरओ प्लांट।

हर वार्ड में होंगे नोडल अफसर

मुख्यमंत्री योगी ने मंडलायुक्त को निर्देश दिए कि शहर में हो रहे विकास कार्यों में मानक का पालन, समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराने के लिए हर वार्ड में नोडल अफसर बनाएं। सड़कें इतनी मजबूत बनाई जाएं कि कम से कम 15-20 साल तक चलें।

बिना टैक्स बढ़ाए अपने पैरों पर खड़ा हो नगर निगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम को अपनी आय खुद बढ़ानी है। इसके लिए बिना टैक्स बढ़ाए काम करना होगा। जितने करदाता हैं उनका टैक्स समय से जमा कराएं। नगर निगम के नए सदन भवन में पार्किंग के साथ व्यावसायिक दुकानें भी होंगी। इससे भी नगर निगम को आय होगी।

प्रधानमंत्री आवास की दी चाबी

मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से धर्मावती, सरिता, साइरा खातून, आलम, इंदु देवी, सविता, झिनकी, खेतनी, माया, रामसागर, राधे, फूलमती देवी को प्रधानमंत्री आवास की चाबी दी। इस दौरान 500 लाभार्थियों को आवास दिए गए।

122 साल का इतिहास संजोएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम भवन का इतिहास 122 साल पुराना है। यह भवन गोरखपुर की नगरीय व्यवस्था का हिस्सा रहा है। इसे संग्रहालय के रूप में विकसित करें। स्थापना काल से नगर पालिका, नगर महापालिका, नगर निगम के रूप में विकास यात्रा में जितनी विभूतियों ने अपना योगदान दिया, उनके चित्र के साथ इतिहास भी लिखा जाए। नए भवन में जब नगर निगम का सदन संचालित हो, इससे पहले पुराने भवन में ले जाकर पार्षदों को इतिहास की जानकारी दें।

बदलेगा सदन भवन का नक्शा

नगर निगम के प्रस्तावित सदन भवन का नक्शा बदला जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अफसर कवायद में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि नया सदन भवन ऐसा हो कि वह गोरखपुर की पहचान बन सके। यहां की सभ्यता और संस्कृति की झलक हो।

मुख्यमंत्री के निर्देश

डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था के लिए योजना बनाएं

जलजमाव से मुक्ति के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाएं

स्मार्ट एंड सेफ सिटी के रूप में शहर विकसित करें

नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाएं, जिससे सफाईकर्मियों के मानदेय के साथ ही यह खुद विकास कार्य करा सके

150 साल बाद शहर की जनसंख्या के हिसाब से नगर निगम सदन भवन में पार्षदों, कर्मचारियों और नागरिकों के बैठने की व्यवस्था हो

ठंड में सड़क पर कोई भी सोते नहीं मिलना चाहिए। सभी को रैन बसेरा में पहुंचाने की अफसर करें व्यवस्था

सड़क किनारे रात में भी न लगें ठेले-खोमचे

महापौर, विधायक और पार्षद शाम पांच बजे के बाद सड़क पर निकलें और जरूरतमंदों को कंबल बांटें। अपात्रों को कंबल देंगे तो खुद को पाप लगेगा

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