यहां डाक्‍टरों की लापरवाही मरीजों पर पड़ रही भारी, दोपहर बाद ही गायब हो जाते हैं साहब

महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज से संबद्ध देवरिया जिला चिकित्सालय में डाक्टरों की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है। मेडिकल कालेज में तैनात डाक्टर भी जिला चिकित्‍सालय की ओपीडी में बैठ रहे हैं। बावजूद इसके मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।

Rahul SrivastavaTue, 15 Jun 2021 02:10 PM (IST)
देवरिया जिला अस्पताल के ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। जागरण

गोरखपुर, जेएनएन : महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज से संबद्ध देवरिया जिला चिकित्सालय में डाक्टरों की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है। मेडिकल कालेज में तैनात डाक्टर भी जिला चिकित्‍सालय की ओपीडी में बैठ रहे हैं। बावजूद इसके मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।

खाली था बुखार डेस्‍क

बुखार डेस्क खाली था। वहां एक भी डाक्टर मौजूद नहीं थे। कक्ष संख्या नौ में डा. एचके मिश्र, डा. राकेश पांडेय, कक्ष संख्या 10 में डा. विजय कुमार गुप्ता, डा. प्रतीक केजरीवाल, कक्ष संख्या 11 में डा. एसएस द्विवेदी व डा. महेंद्र प्रसाद, कक्ष संख्या चार में सर्जन डा. गुलाम नबी, बाल रोग विभाग में डा. एएम वर्मा, नेत्र रोग विभाग में डा. प्रकाश श्रीवास्तव बैठे। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। दोपहर बाद तकरीबन एक बजे अधिकांश चिकित्सकों का कक्ष खाली हो गया। डाक्टरों के आने की प्रतीक्षा में मरीज बैठे रहे, लेकिन डाक्टर अपने कक्ष में नहीं पहुंचे जिससे उन्हें इलाज नहीं मिल सका। हड्डी रोग विभाग में मरीजों को सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ी। डा. पीएन कन्नौजिया का कक्ष खुला रहा, वह स्वयं आपरेशन में व्यस्त रहे जबकि उनके कक्ष में मेडिकल कालेज के डाक्टर ने मरीजों को देखा। देवरहा बाबा मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आनंद मोहन वर्मा ने कहा कि डाक्टरों को समय से बैठकर मरीजों का इलाज करने का निर्देश दिया गया है। इसमें लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।

डाक्‍टर कब बैठेंगे, कोई ठिकाना नहीं

घुसरी मिश्र के टुन्नू ठाकुर ने कहा कि मानसिक रूप से परेशान अपने गांव के एक युवक मोहन राजभर को दिखाने आया हूं। मानसिक रोग विभाग में डाक्टर नहीं है। कब बैठेंगे इसका कोई ठिकाना नहीं है।

काफी परेशान होना पड़ रहा है इलाज के लिए

लबकनी के महेंद्र राय ने कहा कि इलाज के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। तीन घंटे से घूम रहा हूं। डाक्टर साहब बैठे तब तो दिखाऊं। बैठे थे कहीं चले गए, कुछ देर में बैठने की बात लोग बता रहे हैं।

पता नहीं चल रहा कि कब बनेगा दिव्‍यांग प्रमाण पत्र

बरैठा के शहाबुद्दीन ने कहा कि दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आया हूं। आनलाइन कराकर घूम रहा हूं कोई बताने वाला नहीं कि कब तक प्रमाण पत्र बनेगा। बहुत खराब स्थिति है।

जांच के लिए भटकना पड़ रहा

सिधुआ के श्री राम ने कहा कि सीने में दर्द है। डाक्टर साहब को दिखाने आया हूं। डाक्टर साहब जांच लिखे हैं, जांच के लिए इधर-उधर भटक रहा हूं। लग रहा है इलाज के लिए कई दिन लगातार आना पड़ेगा।

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