कुशीनगर में सिचाई विभाग की भूमि पर बना दिया सरकारी भवन

कुशीनगर के खड्डा ब्लाक के नरकू छपरा गांव के ग्राम प्रधान ने सिंचाई विभाग की जमीन पर सार्वजनिक शौचालय बनवा दिया तो एक अन्य गांव में आंगनबाड़ी केंद्र बनवा दिया गया निर्माण के दौरान शिकायत मिलने पर सिंचाई विभाग ने कार्य रोक दिया था बाद में सबकुछ मैनेज हो गया।

JagranSat, 25 Sep 2021 05:00 AM (IST)
कुशीनगर में सिचाई विभाग की भूमि पर बना दिया सरकारी भवन

कुशीनगर : नहरों के किनारे सिचाई विभाग की भूमि पर बिना सहमति पत्र के पक्का निर्माण करा दिया गया है। शिकायत के बाद जिलेदार ने दो माह तक कार्य रोके रखा था। मामला मैनेज होने के बाद सामुदायिक शौचालय और आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बना दिया गया।

खड्डा विकास खंड के नरकूछपरा गांव में प्रधान की ओर से सिचाई विभाग की भूमि पर सार्वजनिक शौचालय एवं स्नान घर का निर्माण शुरू कराया गया तो एक व्यक्ति ने अधिशासी अभियंता से शिकायत की। उसका संज्ञान लेकर अधिशासी अभियंता ने जिलेदार को मौके पर भेजकर कार्य रोक दिया था। कार्य दो माह तक बंद रहा उसके बाद मैनेज का खेल शुरू हुआ। इसी तरह चतुरछपरा गांव में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन भी सिचाई विभाग की भूमि पर बनाया गया है। दोनों भवनों के आसपास मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की खोदाई के समय निकाली गई मिट्टी का टीला अभी भी मौजूद है जो साबित कर रहा कि भूमि सिचाई विभाग की है। चर्चा है कि विभाग के एक अवर अभियंता की मिलीभगत से यह कार्य हुआ है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता बी राम ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद तत्काल जिलेदार को मौके पर भेजकर निर्माण रोक दिया गया था। इसकी जांच कराई जाएगी, जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

उपयोग न होने से बदहाल होने लगे आंगनबाड़ी केंद्र

गांवों में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए एक तरफ सरकार एएनएम और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन का निर्माण करा रही है तो दूसरी तरफ जिम्मेदारों की ओर से अनुपयोगी जगहों पर मानक के विपरीत निर्माण कार्य कराकर सरकारी धन पानी में बहा दिया जा रहा है। छितौनी कस्बा के जोकहिया, पथलहवां, बेलभरिया मोहल्ले में बने आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन इसका उदाहरण हैं। निर्माण के बाद से ही इनका उपयोग में नहीं हुआ।

तीन वर्ष पहले कार्यदायी संस्था आरईएस ने खड्डा ब्लाक के बुलहवां गांव में पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया था। इनमें पथलहवा को छोड़कर अन्य केंद्रों का उपयोग नहीं हो रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने घर में ही केंद्र संचालित करती हैं। इस वजह से गर्भवती व धात्री महिलाओं, किशोरियों व बच्चों को नवीन पूरक पोषाहार वितरण योजना का बेहतर लाभ नहीं मिल पा रहा है। एसडीएम अरविद कुमार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। भवनों का भौतिक सत्यापन कराकर उनको उपयोग में लाया जाएगा।

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