Students Movement in Gorakhpur: छात्रों के आगे झुका विश्वविद्यालय प्रशासन, सारी मांगे मानीं

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांग के मुताबिक उनकी परीक्षा शोध-अध्यादेश-2018 के आधार पर कराने का निर्णय लिया है। परीक्षा की संभावित तिथि भी घोषित कर दी है। घोषणा के मुताबिक यह परीक्षा 20 से 24 दिसंबर के बीच कराई जाएगी।

Pradeep SrivastavaSun, 21 Nov 2021 02:05 PM (IST)
गोरखपुर व‍िश्‍वव‍िद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांगों को मान ल‍िया है। - फाइल फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। Students Movement in Gorakhpur: परीक्षा के आयोजन को लेकर प्री-पीएचडी विद्यार्थियों का संघर्ष रंग लाया है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांग के मुताबिक उनकी परीक्षा शोध-अध्यादेश-2018 के आधार पर कराने का निर्णय लिया है। परीक्षा की संभावित तिथि भी घोषित कर दी है। घोषणा के मुताबिक यह परीक्षा 20 से 24 दिसंबर के बीच कराई जाएगी।

20 से 24 दिसंबर के बीच कराई जाएंगी प्री-पीएचडी की परीक्षाएं

वर्ष 2019-20 में रेट के माध्यम से प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों की प्री-पीएचडी परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है। इसे लेकर विश्वविद्यालय के रुख को देखते हुए विद्यार्थी बीते एक माह से आंदोलनरत थे। नाराज विद्यार्थियों ने 16 नवंबर को विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार बंद कर देर रात तक धरना भी दिया था। बहुत सी छात्राएं के अभिभावक भी इस आंदोलन में शामिल थे।

यह थी विद्यार्थियों की मांग

आंदोलनरत विद्यार्थियों की मांग थी कि अध्यादेश-2018 के मुताबिक उनकी परीक्षा कराई जाए और परीक्षा की तिथि जल्द से जल्द घोषित की जाए। देर रात मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और एडीएम सिटी ने उनकी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि शुक्रवार तक विश्वविद्यालय द्वारा कोई निर्णय न लिए जाने पर छात्रों ने मुख्यमंत्री से मिलने की रणनीति बनाई थी।

विश्वविद्यालय ने शोध अध्यादेश-2018 के मुताबिक परीक्षा लेने का लिया निर्णय

सूत्रों के मुताबिक जब इसकी भनक विश्वविद्यालय प्रशासन को मिली तो बीच का रास्ता निकालते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने नया निर्णय ले लिया। निर्णय के मुताबिक विद्यार्थियों के रिसर्च मेथोडोलाजी और पब्लिकेशन एथिक्स तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन की परीक्षा शोध अध्यादेश- 2018 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार 20 से 24 दिसंबर के बीच आयोजित की जाएगी। हालांकि इस निर्णय को लेकर छात्रों ने अभी अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। उनका कहना है जब लिखित आदेश देख लिया जाएगा उसके बाद आगे का ही निर्णय लिया जाएगा।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.