Gorakhpur Weather News: गोरखपुर में औसत से 70 मिमी अधिक हुई वर्षा, रुक-रुक कर होती रहेगी बारिश

Gorakhpur Weather News गोरखपुर में जुलाई माह में औसत से करीब 70 मिलीमीटर अधिक वर्षा हो चुकी है। बारिश का सिलसिला अभी आगे भी जारी रहेगा। ऐसे में उम्मीद है कि जुलाई माह पूरा होने पर जिले में औसत का करीब डेढ़ गुना अधिक बारिश हो सकती है।

Pradeep SrivastavaFri, 30 Jul 2021 07:50 AM (IST)
गोरखपुर में जुलाई माह में औसत से 70 मिमी अधिक वर्षा हुई। - जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिन से शुरू हुआ बादलों के प्रभाव का सिलसिला अगले चार दिन भी बना रहेगा। यानी धूप बैकफुट पर रहने का मजबूर रहेगी। इसका सीधा फायदा गोरखपुर और आसपास के जिलों में रहने वाले लोगों को होगा। उन्हें गर्मी से काफी हद तक राहत रहेगी। इसके लिए वायुमंडलीय परिस्थितियां बनी हुईं और आगे भी बने रहने का माहौल तैयार है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के 50 फीसद से अधिक स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपरी वायुमंडल में 18 हजार फीट की ऊंचाई चक्रवातीय हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा निचले वायुमंडल में बंगाल की खाड़ी की ओर से लगातार चल रही पुरवा हवाएं नमी पहुंचाने का काम कर रही हैं। इसके चलते वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है। इन परिस्थितियों की वजह से ही आसमान में बादलों का वर्चस्व कायम है और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। अगले दो दिन तक इन्हीं परिस्थितियों की वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 50 फीसद से अधिक स्थानों पर बारिश होते रहने का पूर्वानुमान मौसम विज्ञानी जता रहे हैं। दो दिन बाद होने वाली बारिश का माहौल बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में तैयार हो रहा है। वहां एक निम्न वायुदाब क्षेत्र बन रहा है, जिसके कल से परसों तक झारखंड, बिहार होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में पहुंचने के आसार हैं। इसके चलते दो अगस्त से चार अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम से तो कुछ पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी नेपाल के तराई वाले जिलों जैसे सिद्धार्थनगर और महराजगंज में इसका सर्वाधिक प्रभाव देखा जा सकता है।

बना रहेगा तापमान और हीट इंडेक्स पर नियंत्रण

बादलों के बने रहने और धूप के न निकलने से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में तापमान नियंत्रित रहने का पूर्वानुमान है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद मौसम विज्ञानी जता रहे हैं। धूप के प्रभावी न होने से हीट इंडेक्स भी नियंत्रित रहेगा। ऐसे में अगले तीन से चार दिन तक उमस भरी गर्मी से कुछ हद तक लोगों को राहत मिलती रहेगी।

बार‍िश से ग‍िरा शहर का पारा

जुलाई माह में अब तक औसत से करीब 70 मिलीमीटर अधिक वर्षा हो चुकी है। बारिश का सिलसिला अभी आगे भी जारी रहेगा। ऐसे में उम्मीद है कि जुलाई माह पूरा होने पर जिले में औसत का करीब डेढ़ गुना अधिक बारिश हो सकती है। गोरखपुर सहित इर्द-गिर्द जिलों में गुरुवार सुबह से लेकर दोपहर करीब 12 बजे तक जमकर बारिश होती रही। उसके बाद रुक-रुक कर बूंदाबादी होती रही। पिछले चौबीस घंटे में जिले में 51.6 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश के चलते दिन के अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

आर्द्रता अधिकतम 95 फीसद व न्यूनतम तापमान 75 फीसद रही। गुरुवार को पछुआ हवाएं अधिकतम 14 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से चलीं। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। पिछले दो दिनों से रुक-रुक हो रही बारिश के जिले में अभी तक करीब 452 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। जुलाई माह की औसत वर्षा 383.4 मिलीमीटर है।

ऐसा रहेगा आगे का मौसम

मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले तीन से चार दिनों तक बादल छाये रहेंगे। हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। जिले में 50 से 75 फीसद जगहों पर वर्षा की संभावना है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है।

जुलाई माह की बारिश से संबंधित आंकड़े

इस जुलाई माह में अब तक की बारिश-452 मिलीमीटर

इस वर्ष जुलाई माह में सर्वाधिक बारिश- 21 जुलाई- 115 मिलीमीटर (भारी वर्षा)

जुलाई माह में दो दिन हो चुकी है भारी वर्षा- 18 जुलाई, 21 जुलाई

औसत से 18 फीसद अधिक हो चुकी है बारिश

जुलाई 2020 में बारिश- 648 मिलीमीटर

जुलाई की अब तक की सर्वाधिक वर्षा- 10 जुलाई 2017- 158.7 मिलीमीटर

जुलाई 2019 में हुई सर्वाधिक वर्षा- 697 मिलीमीटर

मानसून सीजन में चार दिन हो चुकी है भारी वर्षा

इस मानसून सीजन में अब तक चार दिन भारी वर्षा हो चुकी है। 1 जून से 30 सितंबर तक की अवधि को मानसून सीजन कहा जाता है। चौबीस घंटे में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक की वर्षा भारी वर्षा की श्रेणी में आती है।

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