Gorakhpur Weather News: आधी रात को आंधी के साथ बारिश, सुबह हल्‍की धूप- जानें आगे कैसा रहेगा मौसम का हाल

गोरखपुर में रविवार की रात में जमकर बारिश हुई। - जागरण

गोरखपुर में रविवार की देर रात एक बार फिर आंधी के आई और बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ बारिश हुई। गोरखपुर में 25 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। तापमान के गिरने और लगातार पुरवा हवाओं के चलने से मौसम सुहाना हो गया है।

Pradeep SrivastavaMon, 10 May 2021 10:16 AM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिन से शुरू हुआ आंधी के बीच गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। रविवार की देर रात एक बार फिर आंधी के आई और बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ बारिश हुई। गोरखपुर में 25 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग के पैमाने पर यह बारिश मध्यम वर्षा के दायरे में आती है।  

ऐसा है आज का तापमान

आसमान में बादल जमे हुए हैं। धूप और बादलों की रस्साकसी चल रही है। रह-रह कर छिटपुट बूंदाबांदी का क्रम भी जारी है। बारिश की वजह से न्यूनतम तापमान में बीते दिन के मुकाबले चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस था, जो सोमवार की सुबह 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

तापमान के गिरने और लगातार पुरवा हवाओं के चलने से मौसम सुहाना हो गया है। कुछ स्थानों पर आंधी की वजह से पेड़ों के गिरने और बिजली के तारों के टूटने की भी खबर है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के अनुसार गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला 14 मई तक रूक-रूक कर जारी रहने का पूर्वानुमान है। इसकी वायुमंडलीय परिस्थितियां बनी हुई हैं। 

रुक-रुक कर 14 मई तक बारिश के जारी रहने का है पूर्वानुमान

जम्मू के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ तिब्बत की ओर बढ़ने के क्रम में उत्तराखंड तक पहुंच गया है। उधर उत्तरी पश्चिमी बंगाल के ऊपर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र रह-रह का उत्तर प्रदेश की ओर मूव कर रहा है। इसके चलते पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार होते हुए बंगाल की खाड़ी तक एक हवा के कम दबाव के क्षेत्र की पट्टी बन गई है।

यह परिस्थितियां आंधी के साथ गरज-चमक के बीच बारिश के लिए अनुकूल हैं। जबतक पश्चिमी विक्षोभ पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर से तिब्बत की ओर नहीं चला जाता, बारिश का सिलसिला चलते रहने का पूर्वानुमान है। अध्ययन के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ 13 से 14 मई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश से आगे बढ़ जाएगा। अगर कोई नई वायुमंडलीय परिस्थितियां नहीं बनीं तो उसके बाद बारिश का सिलसिला सप्ताह भर के लिए थम सकता है।

आम व लीची को नुकसान

आंधी व बारिश के बीच आम के बाग में लगे फल टूट कर गिर गए जिससे आम की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। उधर कई स्थानों पर लीची के बाग में भी पेड़ टूटकर गिरने व फल गिरने से किसानों को नुकसान हुआ है। 

खेती के लिए फायदेमंद बारिश

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बारिश गन्ने की फसल के लिए फायदेमंद है। धान की खेती के लिए बेहन डालने के लिए खेत तैयार करने में बारिश का फ़ायदा मिलेगा।

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