World blood donor day: गोरखपुर की पुलिस ने तीन साल में खून देकर बचाई 100 से ज्यादा जान

अचानक रेयरेस्ट ग्रुप के खून की जरूरत पडऩे पर लोग परेशान हो जाते हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए पुलिस मित्र से जुड़े दारोगा व सिपाही सक्रिय रहते हैं। बी निगेटिव एबी निगेटिव ओ निगेटिव और ए निगेटिव ब्लड ग्रुप वाले पुलिसकर्मियों की एक अलग टीम बनी है।

Satish Chand ShuklaMon, 14 Jun 2021 06:30 PM (IST)
ब्‍लड के संबंध में प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो, जेएनएन।

गोरखपुर, जेएनएन। 80 पुलिसकर्मियों की टीम मुस्तैदी से ड्यूटी करने के साथ ही आमजन से खून का रिश्ता निभा रही है।टीम के सदस्य जरूरत पडऩे पर अस्पताल जाकर ऐसे लोग को खून देकर जान बचा रहे हैं, जब अपनों ने भी साथ छोड़ दिया।तीन साल में खून देकर यह पुलिसकर्मी 100 से अधिक लोगों की जान बचा चुके हैं।

मदद के लिए बनाया है पुलिस मित्र ग्रुप

पुलिसकर्मियों ने पुलिस मित्र नाम से एक ग्रुप बनाया है।इस ग्रुप से जुड़े पुलिस कर्मचारी इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय हैं। अगर किसी भी जरूरतमंद ने खून की आवश्यकता पडऩे पर मदद मांगी तो ग्रुप से जुड़े सिपाही हास्पिटल में पहुंच जाते हैं।इस ग्रुप की खासियत है कि इसमें जुड़े अधिकांश पुलिसकर्मी रेयरेस्ट ब्लड ग्रुप वाले हैं।कोरोना संक्रमण काल में पुलिस कर्मचारियों ने प्लाज्मा भी दिया है।पुलिस मित्र से जुड़े आरक्षी मुकेश कुमार ङ्क्षसह ने बताया दुर्घटना में घायल होने, आपरेशन या अन्य किसी जरूरत पर टीम से जुड़े लोग सहयोग के लिए पहुंचते हैं।हर माह चार से पांच लोगों के लिए खून मुहैया कराते हैं। ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।ग्रुप के सदस्य लोगों को खून देने के लिए प्रेरित भी करते हैं।पुलिस मित्र ग्रुप में प्रयागराज और लखनऊ में तैनात दारोगा व सिपाही भी जुड़े हैं।

पहल करने पर बैंक मैनेजर ने की मदद

पिछले माह नर्सिंग होम में भर्ती महिला के आपरेशन के बाद डाक्टरों ने खून की मांग की। ए निगेटिव ग्रुप का खून कहीं न मिलने पर मरीज के तीमारदारों ने पुलिस मित्र ग्रुप से जुड़े पीआरवी के आरक्षी नीलांबुज से संपर्क किया। उनके प्रयास से इलाहाबाद बैंक में सहायक मैनेजर आमोद ने अस्पताल पहुंचकर खून दिया।

रेयरेस्ट ब्लड ग्रुप की टीम

अचानक रेयरेस्ट ग्रुप के खून की जरूरत पडऩे पर लोग परेशान हो जाते हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए पुलिस मित्र से जुड़े दारोगा व सिपाही सक्रिय रहते हैं। बी निगेटिव, एबी निगेटिव, ओ निगेटिव और ए निगेटिव ब्लड ग्रुप वाले पुलिसकर्मियों की एक अलग टीम बनाई गई है। जिसमें महिला आरक्षी अंकिता कुमार, कुलदीप कौर, अविनाश राय, परवेज अहमद, राहुल कुमार ङ्क्षसह, सुनील कुमार यादव, सुशील कुमार चौधरी, जितेंद्र पांडेय जुड़े हैं। जो कई लोगों को खून दे चुके हैं।

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