गोरखपुर मेडिकल कालेज में जूनियर डाक्टर और तीमारदारों में मारपीट

मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग में भर्ती मरीज के तीमारदार और जूनियर डाक्‍टर में कहासुनी के दौरान मारपीट हो गई। दोपहर में हालत गंभीर होने पर स्वजन इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे थे।

Rahul SrivastavaWed, 04 Aug 2021 06:45 AM (IST)
गोरखपुर मेडिकल कालेज में जूनियर डाक्टर और मरीज के परिजनों में हुई मारपीट। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : बाबा राघव दास मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग में भर्ती मरीज के तीमारदार में कहासुनी के दौरान मारपीट हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और मामले को शांत करवाया।

इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे स्‍वजन

मिली जानकारी के अनुसार बिहार प्रांत के सिवान जिले के दरौली थाना क्षेत्र के बलहु निवासी शैलेश सिंह की 21 वर्षीय पुत्री अनिता सिंह की तबीयत खराब होने पर मेडिकल कालेज लाया गया। वार्ड नंबर 14 के मेडिसिन इमरजेंसी के आइसीयू में इलाज चल रहा था। दोपहर में हालत गंभीर होने पर स्वजन इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे, जिससे जूनियर डाक्टर और तीमारदार में मारपीट की नौबत आ गई। मरीज के भाई अतुल सिंह के कमर व आंख के नीचे चोटें आईं तथा जूनियर डाक्‍टर के सीने में चोट आई। सूचना पर पुलिस पहुंची और मामले को शांत करवाते हुए मरीज के घरवालों को मेडिकल कालेज पुलिस चौकी पर ले आई। थोड़ी देर बाद मरीज की मौत हो गई।

इलाज करने में हस्‍तक्षेप कर रहे थे स्‍वजन

जूनियर डाक्‍टरों का कहना है कि मरीज की हालत गंभीर थी। डाक्‍टर सीपीआर दे रहे थे तो तीमारदार इलाज करने में हस्तक्षेप कर रहे थे तथा बार-बार गाली गुप्ता देते हुए धमकी दे रहे थे कि अगर मरीज के साथ कोई अनहोनी हुई तो अंजाम बुरा होगा। इसी बीच तीमारदार से कहासुनी हो गयी और जूनियर डाक्‍टर का पकड़ लिया। बीचबचाव में जूनियर डाक्‍टर और तीमारदार को चोटें आई।

घूस मांगने के आरोप में गीडा का कनिष्ठ सहायक निलंबित

घूस मांगने और लापरवाही बरतने के आरोप में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के कनिष्ठ सहायक अमित कुमार दीक्षित को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गीडा पंकज अग्रवाल ने की। कनिष्ठ सहायक को भूमि अधिग्रहण अनुभाग से संबद्ध किया गया है।

कार्यों में लापरवाही बरत रहे थे कनिष्‍ठ सहायक

गीडा में हर काम निश्चित समय में पूरा करने का निर्देश है। आरोप है कि कनिष्ठ सहायक कार्यों में लगातार लापरवाही बरत रहे थे। सीईओ की जांच में व्यावसायिक योजना की फाइल, सेक्टर 13 व संपत्ति से जुड़ी फाइल, सेक्टर 22 विस्तारीकरण की फाइल काफी समय से लंबित मिलीं। निस्तारण की समयसीमा तय किए जाने के बाद भी फाइलें लंबित मिलने पर सीईओ ने नाराजगी जताई। साथ ही सेक्टर 13 की एक फाइल को पास करने में कनिष्ठ सहायक के खिलाफ घूस मांगने की भी शिकायत हुई थी।

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