मामूली विवाद में किसान को फावड़े से काट डाला Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर के हरपुर बुदहट क्षेत्र के रानीपुर गांव में अशोक सिंह को फावड़े से काटकर मौत के घाट उतार दिया गया। रानीपुर गांव के ही संतराज यादव और उनके दो बेटों पर इस जघन्य घटना को अंजाम देने का आरोप है। उनकी तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने देर शाम आरोपितों के घर पर धावा बोल दिया। उनको रोकने और आरोपितों का घर बचाने में पुलिस के पसीने छूट गए। घटना को लेकर इलाके में तनाव व्याप्त है। गांव में पुलिस तैनात है।

समुदा गांव निवासी अशोक सिंह (45) खेती-बाड़ी कर जीवन यापन करते थे। बगल के गांव रानीपुर के पास भी उनका एक खेत है। रानीपुर गांव के संतराज यादव उनके खेत से रास्ता निकालना चाहते थे। अशोक इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर लंबे समय से उनमें विवाद चल रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि उनके बीच का विवाद कभी थाने तक नहीं आया। बुधवार शाम को अशोक सिंह रानीपुर गांव के पास स्थित खेत देखने गए तो संतराज उनके खेत का मेड़ काटते मिल गए। उन्होंने इसका विरोध किया तो विवाद शुरू हो गया।

हत्यारों की दरिंदगी देख दहला इलाका

अशोक सिंह को मौत के घाट उतारने वालों की दरिंदगी देखकर पूरा इलाका थर्रा गया। फावड़े से कई प्रहार कर क्षत-विक्षत किया गया उनका सिर, हत्यारों की क्रूरता की गवाई दे रहा था। घटना को लेकर इलाके में आक्रोश व्याप्त है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हत्यारोपितों और मृतक के गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही इलाके में पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है। एसएसपी के निर्देश पर आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की है।

बेटे पर भी की थी हमले की कोशिश

शोक सिंह, रानीपुर गांव के पास खेत देखने जा रहे थे तो पीछे से बेटा आकाश भी उनके साथ हो लिया था। उसके मुताबिक पिता उससे पहले खेत में पहुंच गए। संतराज से विवाद होने के बाद उनके बेटे व बहू ने फावड़े से जिस समय वार करना शुरू किया उसी समय वह वहां पहुंचा। तहरीर में उसने लिखा है कि पिता पर हमला होता देख उसने शोर मचानाया तो हमलावर फावड़ा लेकर उसे भी मारने के लिए दौड़ा लिए। किसी तरह से भाग कर उसने जान बचाई।

बेटों व बहू को बुलाने के लिए संतराज ने किया था फोन

मेड़ काटने की बात को लेकर संतराज और अशोक सिंह के बीच पहले तो सामान्य कहासुनी हो रही थी, लेकिन जल्दी ही इसने गंभीर रूख अख्तियार कर लिया। इसी बीच संतराज ने बेटे रुद्रप्रताप को फोन कर इस बारे में बताते हुए तत्काल खेत में पहुंचने को कहा। आरोप है कि कुछ ही देर में रुद्रप्रताप, पत्‍नी व भाई तथा कुछ अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही उन्होंने उसी फावड़े से अशोक सिंह पर वार करना शुरू कर दिया, जिससे कुछ देर पहले संतराज खेत का मेड़ काट रहा था।

रुद्रप्रताप पर पहले भी दर्ज हो चुका है हत्या का मुकदमा

हत्यारोपितों में शामिल संतराज के पुत्र रुद्रप्रताप पर चार साल पहले भी हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। गांव के ही एक युवक रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसकी लाश कुएं में मिली थी। युवक के परिजनों ने रुद्रप्रताप पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि बाद में पुलिस ने साक्ष्य न मिलने पर मुकदमे से उसका नाम निकाल दिया था।

अधूरा रह गया बेटी के हाथ पीले करने का सपना

अशोक सिंह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्‍नी के अलावा बेटा आकाश सिंह और बेटी अंकिता सिंह हैं। 24 वर्ष की हो चुकी बेटी की शादी करने की तैयारी कर रहे थे। अच्छा रिश्ता देखने के लिए कई परिचितों से उन्होंने चर्चा भी की थी, लेकिन धूमधाम से बेटी की शादी करने का उनके सपना पूरा नहीं हो पाया।

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