इंग्लैंड की नागरिकता लेने के बाद भी आजमगढ के मदरसे में चार साल पढता रहा मौलाना

संतकबीर नगर के कोतवाली खलीलाबाद थानाक्षेत्र सहसरांवमाफी गांव निवासी अब्दुल करीम ने आरटीआइ के जरिए प्राप्त सूचना के आधार पर प्रदेश सरकार के अलावा सीबीआइ से शिकायत की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खलीलाबाद स्थित मीट मंडी रोड निवासी शमशुल होदा इंग्लैंड की नागरिकता लिए हैं।

Navneet Prakash TripathiPublish:Wed, 24 Nov 2021 08:15 AM (IST) Updated:Wed, 24 Nov 2021 06:51 PM (IST)
इंग्लैंड की नागरिकता लेने के बाद भी आजमगढ के मदरसे में चार साल पढता रहा मौलाना
इंग्लैंड की नागरिकता लेने के बाद भी आजमगढ के मदरसे में चार साल पढता रहा मौलाना

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। संतकबीर नगर के कोतवाली खलीलाबाद थानाक्षेत्र सहसरांवमाफी गांव निवासी अब्दुल करीम ने आरटीआइ के जरिए प्राप्त सूचना के आधार पर प्रदेश सरकार के अलावा सीबीआइ से शिकायत की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खलीलाबाद स्थित मीट मंडी रोड निवासी शमशुल होदा इंग्लैंड की नागरिकता लिए हैं। नागरितका लेने के बाद भी वह आजमगढ़ स्थित मदरसे में बतौर सरकारी शिक्षक के रूप में काम करते रहे और वेतन लेते रहे। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद से वह पेंशन लाभ भी ले रहे हैं। इस पर पुलिस महकमे ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करके डीजीपी को रिपोर्ट भेज दी है।

2013 में ली थी इंग्‍लैंड की नागरिकता

शिकायतकर्ता अब्दुल करीम ने जनसूचना अधिकार अधिनियम(आरटीआइ)के तहत खलीलाबाद स्थित मंडी रोड निवासी शमशुल होदा के बारे में सूचना मांगी थी। आरटीआइ से मिली सूचना से उन्हें यह पता चला कि शमशुल होदा वर्ष 2013 में इंग्लैंड की नागरिकता हासिल कर लिए थे। इसके बाद वह इंग्लैंड में रहते हुए प्रदेश के आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित एक मदरसे में बतौर सरकारी शिक्षक के रूप में नौकरी करते रहे और वेतन लाभ लेते रहे। वर्ष 2017 में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्त (वीआरएस) ले ली थी। तब से वह पेंशन लाभ भी ले रहे हैं।

बिना विभागीय अनुमति के किया विदेश दौरा

सरकारी नौकरी के दौरान वह विभाग से अनुमति लिए बिना विदेश का दौरा भी किया। इस मौलाना पर मनी लाड्रिंग, अवैध फंडिग के अलावा इंग्लैंड के मैनचेस्टर में पाकिस्तानी संगठन दावते इस्लामी को चला रहा है। इसके अलावा आरोपित मौलाना पर यह भी आरोप है कि इंग्लैंड में वर्ष 2014 में नाबालिग लड़कियों का जबरन निकाह कराने का उसका मामला स्टिंग आपरेशन में उजागर हुआ था।

कट्टरपंथी विचारधारा को बढावा देने का आरोप

कट्टरपंथी विचारधारा का बढ़ावा देने वाले इस मौलाना की तकरीर यू-ट्यूब पर भी है। शिकायतकर्ता ने प्रदेश सरकार व सीबीआइ के पास शिकायत की थी।सीबीआइ ने 15 सितंबर 2021 को प्रदेश के डीजीपी को पत्र भेजकर जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

शासन स्‍तर से होगी कार्रवाई

एसपी डाक्‍टर कौस्‍तुभ ने बताया कि डीजीपी ने रिपोर्ट मांगी थी। इस पर एएसपी से प्रकरण की जांच कराई गई। शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करके उन्हें पूरी रिपोर्ट भेज दी गई है। इस पर शासन स्तर से कार्रवाई होगी।