122 साल बाद भी बिल्कुल नया सा है नगर निगम का भवन, जानिए क्‍या है खास

वर्ष 1899 में पडरौना के राजा का बनवाया टाउनहाल भवन अब भी नया जैसा लगता है। 122 साल बाद भी भवन की दीवारें न तो दरकी हैं और न ही छत टपकती है। 15 जून 1916 में तत्कालीन गवर्नर जनरल ने उत्तर प्रदेश में म्यूनिसिपल एक्ट का अनुमोदन किया था।

Rahul SrivastavaSat, 14 Aug 2021 11:47 AM (IST)
आज भी नया सा दिखता है नगर निगम का भवन। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : अंग्रेजों के शासनकाल वर्ष 1899 में पडरौना के राजा उदित नारायण राय का बनवाया टाउनहाल भवन अब भी नया जैसा लगता है। 122 साल बाद भी भवन की दीवारें न तो दरकी हैं और न ही छत टपकती है। भवन के सबसे ऊपरी हिस्से में एनो डोमिनी (ए डी यानी ईसा मसीह के जन्म के बाद) 1899 लिखा है।

पहले रीड साहब की धर्मशाला में था कार्यालय

15 जून, 1916 में तत्कालीन गवर्नर जनरल ने उत्तर प्रदेश में म्यूनिसिपल एक्ट का अनुमोदन किया था, तब गोरखपुर को पालिका श्रेणी तीन में रखा गया था। उस समय रीड साहब की धर्मशाला के पास स्थित पशु चिकित्सालय में पालिका का कार्यालय खुला था। इसके पहले अध्यक्ष मो. खलील थे। उस समय पालिका का क्षेत्र 24 वर्ग किलोमीटर था। वर्ष 1949 में क्षेत्रफल 36 वर्ग किलोमीटर हो गया।

वर्ष 1949 में शुरू हुई व्यावसायिक गतिविधियां

पालिका तीन श्रेणी के गोरखपुर शहर में वर्ष 1949 में व्यावसायिक गतिविधियों की शुरुआत हुई। सिमसिम बाजार लालडिग्गी पार्क, जलकल परिसर गोलघर, टाउनहाल पूर्वी गेट पर दुकानों का निर्माण कराया गया। इसी साल गोरखपुर शहर को नगरपालिका श्रेणी दो व वर्ष 1956 में नगरपालिका श्रेणी एक के रूप में संगठित किया गया।

1982 में बनी नगर महापालिका

गोरखपुर वर्ष 1982 में नगर महापालिका बना। इससे पहले टाउनहाल भवन के पिछले हिस्से में नया निर्माण कर नगरपालिका और गोरखपुर विकास प्राधिकरण की गतिविधियां शुरू हो चुकी थीं। इसी साल गोरखपुर के क्षेत्र को 36 वर्ग किलोमीटर से बढ़ाकर 147 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया।

दो साल में बना था भवन

वर्ष 1897 में टाउनहाल भवन का निर्माण शुरू हुआ था। दो साल में यह भवन बनकर तैयार हो गया। भवन के सामने टाउनहाल मैदान में बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था।

वर्तमान में भवन में हैं यह कार्यालय

भवन में सदन हाल और महापौर, उपसभापति का कक्ष, जन्म मृत्यु प्रमाण-पत्र का कार्यालय, कंट्रोल रूम, पीएम आवास के जुड़ी जानकारी देने के लिए जिला नगरीय विकास अभिकरण का कार्यालय खुला है।

23 करोड़ से बन रहा है सदन भवन

महापौर सीताराम जायसवाल के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम के लिए नया भवन स्वीकृत किया। 23 करोड़ रुपये की लागत से भवन का निर्माण चल रहा है। नया भवन बनने के बाद टाउनहाल भवन को संरक्षित किया जाएगा।

नया सदन भवन बनने के बाद इस भवन को किया जाएगा संरक्षित

महापौर सीताराम जायसवाल ने कहा कि नगर निगम का ऐतिहासिक भवन अब भी पहले की तरह है। नया सदन भवन बनने के बाद इस भवन को संरक्षित किया जाएगा। यह नगर निगम के गौरव का प्रतीक है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.