UP के 25 ज‍िलों में घर बैठे म‍िल रहा रोजगार, श्रम‍िकों के ल‍िए वरदान बनी सरकार की यह योजना

Employment News प्रवासी कामगारों की स्किल मैपिंग कराकर रोजगार देने का जो वादा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था वह पूरा होता नजर आ रहा है। कुशल कामगारों को प्रशिक्षित कर रोजगार दिलाने की जिम्मेदारी श्रम विभाग को सौंपी गई थी।

Pradeep SrivastavaSun, 12 Sep 2021 12:07 PM (IST)
'सेवा मित्र' योजना के तहत बेरोजगारों को घर बैठे रोजगार म‍िल रहा है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर के राप्तीनगर की प्रिया को एसी मैकेनिक की तलाश थी और भोला मिस्त्री को काम की। 'अच्‍छा काम-वाजिब दाम' दोनों चाहते थे, मगर एक-दूसरे को जानते नहीं थे। 'सेवा मित्र' ने न केवल दोनों का परिचय कराया बल्कि जरूरतमंद को घर बैठे कामगार और कुशल हाथ को रोजगार दिलाया। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, बढ़ई, राजगीर, नाई, कार-बाइक मैकेनिक जैसी रोजमर्रा की जरूरतें घर बैठे पूरी हो जा रही हैं तो कुशल श्रमिकों को बगैर भटके ही रोजगार मिल रहा है।

गोरखपुर समेत 25 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट सफल, मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में जल्द कर सकते हैं लोकार्पण

प्रवासी कामगारों की स्किल मैपिंग कराकर रोजगार देने का जो वादा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था, वह पूरा होता नजर आ रहा है। कुशल कामगारों को प्रशिक्षित कर रोजगार दिलाने की जिम्मेदारी श्रम विभाग को सौंपी गई थी। पहले चरण में 25 जिलों में इसकी शुरुआत हुई, जिसके सकारात्मक परिणाम ने इसको पूरे प्रदेश में लागू करने की पृष्ठिभूमि तैयार कर दी। सेवा मित्र पोर्टल, ऐप और काल सेंटर के जरिये 43 तरह के ऐसे कामगारों को एक प्लेटफार्म पर जोड़ा गया। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान ही गोरखपुर के तकरीबन एक हजार से अधिक कुशल हाथों को काम दिला चुकी 'सेवा मित्र' योजना बहुत जल्द प्रदेश के 75 जिलों में शुरू करने की तैयारी है।

तीन तरीका, सुविधा पाने का जरिया

कामगार हों या जरूरतमंद। दोनों तीन तरीकों के जरिये एक दूसरे तक पहुंच सकते हैं। सर्वाधिक लोग सेवा मित्र येाजना के काल सेंटर 155330 पर काल करके योजना का लाभ उठाते हैं तो कई लोगों ने इसका एप भी डाउनलोड किया है। बड़ी तादाद में लोग वेबसाइट www.sewamitra.up.gov.in पर जाकर अपनी जरूरत के मुताबिक कामगार की डिमांड करते हैं। पहले से पंजीकृत सेवा प्रदाता डिमांड के मुताबिक कामगार कार्यस्थल पर भेजते हैं।

काम, दाम और सुरक्षा की गारंटी

शहरी नहीं ग्रामीण अंचल के लोग भी योजना का लाभ ले रहे हैं। हर काम का दाम तय होने के चलते किसी तरह के विवाद की स्थिति पैदा नहीं होती। घर में अकेले रहने वाले बुजुर्ग और महिलाएं इस बात को लेकर भी निश्चिंत रहते हैं कि उनके घर आने वाले मैकेनिक का पूरा ब्योरा सरकार के पास सुरक्षित है।

'सेवा मित्र योजना में वो सभी ट्रेड शामिल हैं, जिनकी जरूरत दैनिक दिनचर्या में पड़ती है। लोग बड़े पैमाने पर इसका लाभ भी उठा रहे हैं। फिलहाल यह योजना गोरखपुर में चल रही है, लेकिन बहुत जल्द इसे आसपास के जिलों में भी शुरू कराने की तैयारी है।' - रास बिहार चतुर्वेदी, सहायक निदेशक, सेवायोजन गोरखपुर। 

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