स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण कोविन पोर्टल अपडेट नहीं, डाउनलोड नहीं हो रहा प्रमाण पत्र

कोरोनारोधी टीका लगवा चुके अनेक लोगों के सामने प्रमाण पत्र का संकट खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण टीकाकरण की तिथि व नाम कोविन पोर्टल पर दर्ज न होने से प्रमाण पत्र डाउनलोड नहीं हो पा रहा।

Rahul SrivastavaTue, 21 Sep 2021 03:31 PM (IST)
कर्मचारियों की लापरवाही के कारण अपडे नहीं हो रहा कोविन पोर्टल। प्रतीकात्मक तस्वीर

गोरखपुर, गजाधर द्विवेदी : कोरोनारोधी टीका लगवा चुके अनेक लोगों के सामने प्रमाण पत्र का संकट खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण टीकाकरण की तिथि व नाम कोविन पोर्टल पर दर्ज न होने से प्रमाण पत्र डाउनलोड नहीं हो पा रहा। शिकायत करने पर स्वास्थ्यकर्मी उसी दिन वैक्सीन लगने की रिपोर्ट सत्यापित कर दे रहे हैं, जिससे उसी दिन का प्रमाण पत्र जारी हो जा रहा है। ऐसे में जिन लोगों ने पूर्व की तारीख में टीका लगने की मौखिक सूचना किसी विभाग या कार्यालय में दे रखी है, वह लोग प्रमाणपत्र देते समय झूठे साबित हो रहे हैं।

रिपोर्ट कार्ड पर तिथि सहित दोनों डोज का लगना भी दर्ज

टीकाकरण रिपोर्ट कार्ड पर तिथि सहित दोनों डोज का लगना भी दर्ज है, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के चलते टीकाकरण पोर्टल पर शो नहीं कर रहा है। कर्मचारियों ने टीका लगवाने की तिथि में उसे पोर्टल पर सत्यापित नहीं किया था। इसका खामियाजा नागरिक भुगत रहे हैं। उनका नाम पोर्टल पर दर्ज न होने से उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है। जब वे विभाग में शिकायत लेकर पहुंचते हैं तो स्वास्थ्य कर्मी तत्काल टीकाकरण सत्यापित कर देते हैं। इससे प्रमाण पत्र तो मिल जाता है लेकिन दोनों डोज के बीच पांच माह का अंतराल दिखने लगता है, जबकि नियमों के अनुसार कोविशील्ड की दूसरी डोज 84 दिन व कोवैक्सीन की 28 दिन बाद लग जानी चाहिए।

पहली डोज भी सत्यापित नहीं

केवल दूसरी डोज यदि सत्यापित नहीं है तो जिस तिथि में सत्यापन किया गया, उसी तिथि में फाइनल वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र मिल जाता है लेकिन अनेक लोगों की पहली डोज भी सत्यापित नहीं की गई है और वे दोनों डोल लगवा चुके हैं।

शिकायत लेकर रोज पहुंच रहे 60-70 लोग

सीएमओ कार्यालय के पीछे बने टीकाकरण कंट्रोल रूम में रोज 60-70 लोग प्रमाण पत्र डाउनलोड न होने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। अपनी गलती छिपाने के लिए कर्मचारी तत्काल उनका टीकाकरण पोर्टल पर सत्यापित कर रहे हैं।

पोर्टल पर दर्ज नहीं और वेस्टेज शून्य

कोविन पोर्टल पर जो टीकाकरण दर्ज नहीं होगा और नागरिक को टीका लगाया जा चुका होगा तो वह वेस्टेज में दिखेगा, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को टीका लगा दिया गया है और वह पोर्टल पर दर्ज नहीं है। बावजूद इसके जिले में वैक्सीन का वेस्टेज शून्य है। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय स्वीकार करते हैं कि स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों में 20-20 फीसद व आम नागरिकों में भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें टीका लगाया गया है लेकि

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.