गीडा के सेक्टर 11 के विकास का ड्राफ्ट तैयार, पीपीपी मॉडल से होगा विकास Gorakhpur News

गीडा के सेक्टर 11 के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। सर्वे का काम कर रही कंपनी जेएलएल की ओर से ड्राफ्ट सौंप दिया गया है लेकिन इसमें संशोधन के लिए कहा गया है। कुछ दिनों में संशोधित ड्राफ्ट भी मिलने की उम्मीद है।

Pradeep SrivastavaTue, 29 Jun 2021 07:50 AM (IST)
गीडा के सेक्टर 11 का विकास पीपीपी मॉडल से होगा। - प्रतीकात्मक तस्वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सेक्टर 11 के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। सर्वे का काम कर रही कंपनी जेएलएल की ओर से ड्राफ्ट सौंप दिया गया है लेकिन इसमें संशोधन के लिए कहा गया है। कुछ दिनों में संशोधित ड्राफ्ट भी मिलने की उम्मीद है। गीडा प्रबंधन का कहना है कि कोरोना के कारण इस कार्य में देरी हुई है।

फर्म ने पूरा किया सर्वे का काम, गीडा बोर्ड की मंजूरी के बाद शुरू होंगे विकास कार्य

गीडा के सेक्टर 11 कालेसर क्षेत्र में 200 एकड़ में विकास कार्य होने हैं। पहले चरण में 70 एकड़ क्षेत्रफल में व्यावसायिक दृष्टि से विकास का खाका तैयार किया जाना है। इसके लिए मास्टर प्लान बनाने की जिम्मेदारी जेएलएल नाम की कंपनी को दी गई थी। कई महीने से जेएलएल की ओर से सर्वे किया जा रहा था। डिमांड सर्वे एवं अगले 25 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर कंपनी ने ड्राफ्ट तैयार किया था। मार्च महीने में पहली बार इसे गीडा को सौंपा गया लेकिन गीडा की ओर से इसमें संशोधन करने का कहा गया। संशोधित करने के बाद भी गीडा को जब ड्राफ्ट सौंपा गया तो एक बार फिर संशोधन की जरूरत बताई गई। गीडा प्रबंधन को अब संशोधित ड्राफ्ट का इंतजार है। ड्राफ्ट आने के बाद इसे गीडा बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। वहां से अनुमोदित होने के बाद मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।

आइएसबीटी के लिए भी बनेगी कार्ययोजना

कालेसर में बनने वाले इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आइएसबीटी) के लिए भी कार्ययोजना इसी कंपनी द्वारा तैयार की जा रही है। ड्राफ्ट में इसे भी शामिल किया गया है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिए आइएसबीटी का निर्माण होना है। यहां से सभी प्रमुख राज्यों के लिए बस उपलब्ध हो सकेगी और लोगों की सुविधा के लिए फूड प्लाजा एवं रेस्टोरेंट आदि का भी निर्माण होना है।

सेक्टर 11 के विकास के लिए निजी कंपनी को मास्टर प्लान तैयार करने का जिम्मेदारी दी गई थी। कोरोना के कारण इसमें कुछ देर हुई है। कंपनी की ओर से ड्राफ्ट दिया गया था लेकिन उसमें संशोधन के लिए कहा गया है। संशोधित ड्राफ्ट मिलने के बाद उसे बोर्ड में रखा जाएगा। - पवन अग्रवाल, सीईओ गीडा।

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