स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के जिले में डाक्टरों ने खोला मोर्चा, अपना दल विधायक ने की थी अभद्रता

डाक्‍टरों के संबंध में प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो।
Publish Date:Fri, 23 Oct 2020 11:03 AM (IST) Author: Satish Shukla

गोरखरपुर, जेएनएन। सिद्धार्थनगर जिले में अपना दल के विधायक अमर सिंह चौधरी के खिलाफ डाक्टरों ने मोर्चा खोल दिया। आरोप लगाया कि विधायक ने संयुक्त चिकित्सालय की इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे डा. प्रशांत मौर्या को फोन पर फटकारा, अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। चेतावनी भी दी कि विधायक के खिलाफ कार्रवाई न होने पर ओपीडी ठप कर दी जाएगी। स्‍वास्‍थ्‍यमंत्री जय प्रताप सिंह के जिले में डाक्‍टरों द्वारा विधायक के खिलाफ आंदोलन करने की जानकारी से लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं।

दो दिन में कार्रवाई न होने स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं होंगी बंद

जिला अस्पताल के सभागार में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों की बैठक में जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों ने निर्णय लिया कि दो दिन में विधायक पर कार्रवाई न हुई तो ओपीडी समेत सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। ब्लाक स्तरीय चिकित्साधिकारियों ने अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पद से इस्तीफा देने की पेशकश की। सीएमएस डा. आरके कटियार ने पुलिस अधीक्षक राम अभिलाष त्रिपाठी को पत्र लिखकर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर  विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

20 अक्‍टूबर की रात में डाक्‍टर के साथ हुई थी अभद्रता

मेडिकल आफिसर डा. प्रशांत मौर्या ने बताया कि 20 अक्टूबर को इमरजेंसी में ड्यूटी के दौरान रात करीब दस बजे मरीज पूजा पत्नी रक्षाराम निवासी बुढऩइया पकड़ी शोहरतगढ़ के साथ आए लोगों ने अभद्रता की। किसी अनजान व्यक्ति से मोबाइल से वार्ता कराई। उस व्यक्ति ने खुद को शोहरतगढ़ का विधायक बताकर अपशब्दों से बात शुरू की और जान से मारने की धमकी देने लगे। बैठक में  प्रभारी सीएमओ डा. डीके चौधरी, सीएमएस डा. आरके कटियार, जिलाध्यक्ष डा. एके झा, जिला सचिव डा. सौरभ चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।

क्‍या कहते हैं विधायक

अपना दल के विधायक अमर सिंह चौधरी का कहना है कि संयुक्त चिकित्सालय में इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले चिकित्सक रात में घर जाकर सो जाते हैं। मरीज छटपटाता रहता है लेकिन बुलाने पर भी डाक्टर नहीं आते हैं। 20 अक्टूबर की रात  महिला मरीज का इलाज न होने पर उनसे स्वजन ने बताया कि डाक्टर ने मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। मरीज के जीवन की रक्षा न करने की जानकारी पर चिकित्सक को फटकार लगाई थी। जान से मारने की धमकी नहीं दी है। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह को भी अवगत करा दिया है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.