Coronavirus: छह माह से संक्रमितों के बीच रहे, छू भी न सका कोरोना Gorakhpur News

थर्मल स्कैनिंग के बाद कोरोना से बचाव के लिए जागरूक करते बाएं से दूसरे डॉ. एएन त्रिगुण।
Publish Date:Tue, 22 Sep 2020 09:30 AM (IST) Author: Satish Shukla

गोरखपुर, जेएनएन। संक्रमण कितना ही ज्यादा क्यों न हो या संक्रमितों व संदिग्धों के बीच चाहे जितने समय तक रहना पड़े, सतर्कता है तो कोरोना छू भी नहीं सकेगा। इसे साबित किया है टीबी अस्पताल लेवल टू-थ्री के नोडल अधिकारी डॉ. एएन त्रिगुण ने। छह माह से वह संदिग्धों व संक्रमितों के बीच हैं। एहतियात से न सिर्फ अपने को कोरोना से बचाया बल्कि परिवार को भी सुरक्षित रखा। वह लोगों को भी कोरोना से बचाव की जानकारी दे रहे हैं।

आठ मार्च से लगी है ड्यूटी

विदेश से आ रहे यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग के लिए डॉ. त्रिगुण की ड्यूटी आठ मार्च से एयरपोर्ट पर लगाई गई। 22 मार्च तक उन्होंने वहां ड़्यूटी की। यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग करने के बाद वह उन्हें कोरोना से बचाव के बारे में जागरूक भी करते थे। 24 मार्च से टीबी अस्पताल को क्वारंटाइन वार्ड बना दिया गया। वहां संदिग्धों को भर्ती किया जाता था। इस दौरान उनकी देखरेख की। 20 जुलाई से टीबी अस्पताल को लेवल टू व थ्री बना दिया गया। तभी से वह नोडल अधिकारी हैं। अस्पताल की व्यवस्था लेकर मरीजों की समस्या तक का समाधान उनकी जिम्मेदारी है।

ऐसे बचा रहे अपने आपको

डॉ. त्रिगुण ने इस दौरान कोविड से बचाव के सभी निर्देशों का पूर्णतया पालन किया। एयरपोर्ट पर ड्यूटी के दौरान मास्क व ग्लब्स लगाकर जाते थे। घर आकर गर्म पानी से नहाते थे। टीबी अस्पताल में भी मरीजों की सेवा करने के बाद जब वह घर पहुंचते थे तो बाहर गर्म पानी रखा रहता था। उसमें कपड़े उतारकर डाल देते थे। मोबाइल, जूता, बैग सैनिटाइज करते थे। गर्म पानी से नहाने के बाद ही घर में जाते थे। आज भी वह यही सुरक्षा अपनाते हैं। सुबह योगाभ्यास करते हैं। एक घंटे टहलते हैं। सुबह-शाम काढ़ा पीते हैं। ठंडी चीजों से दूर रहते हैं। पूृरे दिन गर्म पानी पीते रहते हैं। बाहर का कुछ भी नहीं खाते हैं। 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.