मुक्त कराई बालिकाओं ने कहा, देवरिया से विदेश तक भेजे गए बच्चे

देवरिया के बाल गृह बालिका में बच्चों, किशोरियों को यातना दी जाती थीं। बालगृह बालिका में रहने वाली एक बालिका ने बताया है कि कुछ लड़कियों को विदेश भी भेजा गया है। उसने गिरिजा त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगाया है।

JagranWed, 08 Aug 2018 09:31 PM (IST)
मुक्त कराई बालिकाओं ने कहा, देवरिया से विदेश तक भेजे गए बच्चे

गोरखपुर : देवरिया के बाल गृह बालिका में बच्चों, किशोरियों को यातना दी जाती थीं। सेक्स रैकेट के अलावा उन्हें संचालक गिरिजा त्रिपाठी के घर, रिश्तेदारों के यहां काम में भी लगाया जाता था। बालिका गृह में रहने वाली बस्ती की एक लड़की ने संचालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गिरिजा ने उसे भी बाहर जाने के लिए दबाव बनाया था। विरोध करने पर उसने कहा कि बाहर नहीं जाओगी तो तुम्हारे पति को मरवा दूंगी। पीड़ित नाबालिग का कहना था कि अधिकतर किशोरियों ने प्रेम विवाह की है। बालिग होते ही वह अपने ससुराल चली जाएंगी, अगर बालिका गृह से सेक्स रैकेट की बात सार्वजनिक होगी तो उनके पति साथ रखने से इन्कार कर सकते हैं, इस बात का हमेशा किशोरियों को डर सताता रहा और इसलिए वह गिरिजा की हर बात न चाहते हुए भी मानती रहीं।

बस्ती जिले की रहने वाली एक नाबालिग लड़की ने दूसरे समुदाय के युवक से निकाह किया है। कोर्ट के आदेश पर 31 अगस्त 2017 को उसे बाल गृह बालिका में लाया गया। किशोरी का आरोप है कि यहां से लड़कियों की सप्लाई की जाती थी। बड़ी पार्टियों में शामिल होने के लिए खुद गिरिजा और उनकी बेटी उन्हें बाहर ले जाता था। रात भर बाहर रहने के बाद अगले दिन सुबह सभी वापस आ जाती थीं। ऐसा नहीं करने पर संचालिका कहती थीं कि गलत काम कर यहां आती हो, ऊपर से नौटंकी दिखाती हो। मारपीट के साथ उन्हें लड़कियों को अक्सर गालियां दी जाती थीं। लड़कियों को रोजाना जलील होना पड़ता था। नाबालिग का आरोप है कि उसके यहां आने से पहले ही यह धंधा चलता रहा है। कई लड़कियां इसकी शिकार हो चुकी हैं।

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विदेश तक जुड़े मानव तस्करी के तार

बस्ती की रहने वाली किशोरी ने बाल गृह बालिका की संचालक गिरिजा त्रिपाठी और उनकी बेटी कंचनलता त्रिपाठी पर कई गंभीर आरोप लगाया है। उसका कहना है कि कुछ दिन पहले विदेशी नागरिक यहां संस्था मे आए थे। उन्होंने बच्चों को मिठाई दी। इसके बाद संस्था के संचालक ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर अर¨वद, शमीना और शानिया खातून को स्पेन भेज दिया गया है। उसका कहना है कि तीन बच्चों के बाहर जाने की बात संस्था के संचालक ने बताई जबकि चार अन्य बच्चों को भी विदेश जाने की चर्चा है। इनमें सभी की उम्र दस वर्ष से कम हैं।

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नाबालिगों से कराया जाता था घरेलू काम

बाल गृह बालिका से लापता बच्चियों के बारे में बस्ती की युवती ने सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। उसका कहना है कि जो लड़कियां रिकार्ड से गायब हैं वह गिरिजा त्रिपाठी के विभिन्न संस्थानों, घर और रिश्तेदारों के घर पर मिल जाएंगी। उसका कहना है कि संचालक की छोटी बेटी के घर सविता गई है। जबकि प्रीति और नैना को दूसरी जगह काम पर भेजा गया है। इसी तरह कुछ लड़कियां रजला वृद्ध आश्रम से बरामद हुई हैं, उन्हें यहीं पर रहना चाहिए था। बाल गृह बालिका में बच्चों से काम भी कराया जाता था।

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