Weather News: बारिश का रिकार्ड तोड़ने के बाद पूर्वांचल से खत्म हुआ तूफानी चक्रवात यास का प्रभाव

तीन दिन तक बारिश के बाद पूर्वांचल में चक्रवाती तूफान यास के प्रभाव रविवार कोआखिरकार थम गया। हालांकि बादल रविवार की सुबह तक आसमान मडरा रहे हैं लेकिन वायुमंडलीय परिस्थितियों के कमजोर पड़ जाने की वजह से रविवार को बारिश नहीं होगी।

Pradeep SrivastavaSun, 30 May 2021 11:00 AM (IST)
गोरखपुर में रविवार का आसमान साफ रहा। - जागरण

गोरखपुर, जेएनएन। तीन दिन तक बारिश के बाद पूर्वांचल में चक्रवाती तूफान 'यास' के प्रभाव रविवार कोआखिरकार थम गया। हालांकि बादल रविवार की सुबह तक आसमान मडरा रहे हैं लेकिन वायुमंडलीय परिस्थितियों के कमजोर पड़ जाने की वजह से रविवार को बारिश नहीं होगी। हालांकि बादल रविवार की सुबह तक आसमान मडरा रहे हैं लेकिन  मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के अनुसार वायुमंडलीय परिस्थितियों के कमजोर पड़ जाने की वजह से रविवार को बारिश नहीं होगी।

24 घंटे में दर्ज हुई 6.6 मिमी बारिश, अभी जारी रही बादल के आने-जाने का सिलसिला

मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि बीते चार दिन में मौसम विभाग के पैमाने पर कुल 160 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। इसमें से 42.1 मिलीमीटर बारिश शुक्रवार की शाम साढ़े पांच बजे से शनिवार की शाम साढ़े पांच बजे तक दर्ज की गई। बीते 24 घंटे में यह आंकड़ा घटकर 6.6 मिलीमीटर तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि उत्तरी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हवा के कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है। ऐसे में अव्वल तो अब इसकी वजह से बारिश होगी नहीं और अगर कुछ हिस्सों में होती भी है तो वह बूंदाबादी तक सिमट कर रह जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार मई ने बारिश का हर रिकार्ड तोड़ दिया। 

कुल 360 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई

शनिवार की शाम तक इस महीने में कुल 360 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई, जो प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मई में बारिश का अबतक का सर्वाधिक आंकड़ा है। बारिश थमते ही तापमान में भी बढ़ोत्तरी हो गई। शनिवार का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जबकि शुक्रवार को बारिश और पुरवा हवाओं की वजह से यह गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। आज इसके 30 डिग्री सेल्सियस को पार करने का पूर्वानुमान है।

तीन दिन में फिर बन रहे बारिश के आसार

मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि जम्मू के ऊपर एक नया पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है, जिसके दो दिन में सक्रिय होने की संभावना है। जब वह तिब्बत की ओर बढ़ेगा तो उसके प्रभाव स्वरूप पूर्वी उत्तर प्रदेश में बादल फिर डेरा डालेंगे और बूंदाबादी से लेकर हल्की बारिश के आसार रहेंगे।

नुकसान का आकलन करने में जुटा प्रशासन

यास के कारण तीन दिनों तक हुई बारिश के कारण जिले में हुए नुकसान का आकलन करने में प्रशासन जुटा है। आपदा प्रबंध प्राधिकरण की ओर से तहसीलों के जरिए यह जानकारी एकत्र की जा रही है। अब तक मिली रिपोर्ट के अनुसार आठ कच्चे मकान आंशिक रूप से जबकि एक आवासीय झोपड़ी पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुई है। नुकसान का आकलन कर पीड़ित लोगों को मदद दी जाएगी।

चक्रवात के कारण नुकसान को लेकर जिले में एलर्ट जारी किया गया था। 26 को हल्की बारिश जबकि 27 से 29 के बीच बारिश की चेतावनी थी। 27 एवं 28 मई को लगातार बारिश हुई तो 29 मई शनिवार को भी दोपहर बाद तक बारिश हुई। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण की ओर से सभी तहसीलों से उनके यहां हुए नुकसान की जानकारी देने को कहा गया था। तहसीलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार शनिवार की दोपहर बाद तक तहसील सदर, चौरी चौरा, खजनी, बांसगांव, गोला, सहजनवां एवं कैंपियरगंज में रुक-रुक कर बारिश जारी थी और बादल छाए हुए थे। बारिश के कारण खजनी तहसील में पांच कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 

इसी तरह सहजनवां में तीन कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कैंपियरगंज तहसील क्षेत्र में एक आवासीय झोपड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। अभी और तहसीलों से भी नुकसान की रिपोर्ट आने का इंतजार है। तहसीलों की रिपोर्ट के आधार पर जिन लोगों का नुकसान हुआ है, उन्हें राज्य आपदा मोचक निधि के नियमों के अनुसार निर्धारित सहायता प्रदान की जाएगी। जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया कि चक्रवात से होने वाले नुकसान को लेकर चेतावनी जारी की गई थी। जिले में अभी तक तीन तहसीलों से नुकसान की रिपोर्ट मिली है। प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अभी और तहसीलों से भी रिपोर्ट का इंतजार है।

 

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