World Hyper Tension Day: हाइपर टेंशन के मरीजों पर तेज हमला कर रहा कोरोना वायरस

हाइपर टेंशन के मरीजों पर कोरोना संक्रमण तेजी से हमला कर रहा है। - प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना से संक्रमितों में एक तिहाई मरीज हाई बीपी से ग्रसित हैं। इसलिए ऐसे मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इन मरीजों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को विश्व हाइपर टेंशन दिवस मनाया जाता है।

Pradeep SrivastavaMon, 17 May 2021 02:30 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। हाइपर टेंशन के मरीजों को कोरोना से बचकर रहने की जरूरत है। क्योंकि ऐसे मरीजों पर इस वायरस का हमला तेज हो रहा है। अभी तक जितनी मौतें हुई हैं, उनमें से ज्यादातर मरीज शुगर व हाइपर टेंशन हाइपर टेंशन अर्थात हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) से पीड़ित थे। संक्रमितों में एक तिहाई मरीज हाई बीपी से ग्रसित हैं। इसलिए ऐसे मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इन मरीजों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को विश्व हाइपर टेंशन दिवस मनाया जाता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि ऐसे मरीजों को स्टेरायड की दवाओं से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इन दवाओं से उच्च रक्तचाप व तनाव बढ़ता है।

स्टेरायड का उपयोग बढ़ा रहा रक्तचाप व तनाव

जिला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. अमित कुमार शाही ने बताया कि कोरोना संक्रमितों में एक तिहाई संख्या उच्च रक्तचाप के मरीजों की है। भागदौड़ की दिनचर्या, डाक्टरों के परामर्श के बगैर दवाओं का सेवन व लाकडाउन में घर में निष्क्रिय होकर बैठना, इसका मूल कारण है। 35 फीसद आबादी उच्च रक्तचाप से पीड़ित है। इसमें 25 फीसद शहरी 10 फीसद ग्रामीण लोग शामिल हैं।

ऐसे करें बचाव

किसी भी नशे से परहेज करें।

नियमित व संतुलित दिनचर्या रखें।

किसी तरह का तनाव न लें।

खान-पान संतुलित हो।

हरी सब्जियों व फलों का सेवन करें।

सुबह टहलें, योग-व्यायाम करें।

सकारात्मक सोच बनाए रखें।

घर में निष्क्रिय होकर न बैठें।

इन पर दें ध्यान

हाइपरटेंशन के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसको नजरअंदाज करने से बीमारी बढ़ सकती है। इसके साथ ही कुछ खास चीज़ों पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

यह बरतें सावधानी

ध्रूमपान बिल्कुल न करें।

स्वस्थ व पौष्टिक आहार खाएं।

ज्यादा ऊंची चढ़ाई करने से बचें।

शुरुआती लक्षण भी जानिए

सांस की तकलीफ

मास्क पहनकर क्वारंटीन में कुर्सी पर बैठा पुरुष

शहरों से गांव में तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जारी की गई - 

यह है लक्षण

थकान महसूस होना

चक्कर आना या बेहोशी 

सीने में दर्द महसूस होना

होठों और त्वचा के लिए नीला रंग

हार्ट बीट बढ़ना या कम होना। 

 

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