पाजिटिव ब्लड ग्रुप वालों पर कोरोना का तेज हमला, 30 मृतकों में 29 का था पाजिटिव ब्लड ग्रुप

शोध में यह बात सामने आई थी कि ओ तथा ओ पाजिटिव ब्लड ग्रुप के लोगों पर कोरोना का असर कम रहा है। लेकिन गोरखपुर में इसके ठीक उल्टे परिणाम देखने को मिले हैं। जिन कोरोना संक्रमितों की मौत हुई उनमें सबसे ज्यादा लोग पाजिटिव ब्लड ग्रुप थे।

Pradeep SrivastavaFri, 30 Jul 2021 01:30 PM (IST)
पाजिटिव ब्लड ग्रुप वालों पर कोरोना संक्रमण की दर सबसे अधिक रही है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, गजाधर द्विवेदी। देश व विदेश में विभिन्न संस्थाओं के शोध में यह बात सामने आई है कि ओ तथा ओ पाजिटिव ब्लड ग्रुप के लोगों पर कोरोना का असर कम रहा है। लेकिन गोरखपुर में इसके ठीक उल्टे परिणाम देखने को मिले हैं। जिन कोरोना संक्रमितों की मौत हुई, उनमें सबसे ज्यादा लोग पाजिटिव ब्लड ग्रुप थे और उसमें भी सबसे अधिक संख्या ओ पाजिटिव ब्लड ग्रुप वालों की थी। 30 मृतकों में से 29 पाजिटिव ब्लड ग्रुप के थे। निगेटिव ब्लड ग्रुप के केवल एक व्यक्ति की मौत हुई।

आठ जून से 23 जुलाई तक 47 संक्रमितों की मौत

बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कालेज के कोरोना वार्ड में आठ जून से 23 जुलाई तक 47 संक्रमितों की मौत हुई। इसमें से 30 मरीजों के खून का नमूना कालेज प्रशासन ने उनका ब्लड ग्रुप जांच करने के लिए लिया था। सर्वाधिक 10 मौत ओ पाजिटिव ब्लड ग्रुप वालों की थी। ए पाजिटिव व बी पाजिटिव ब्लड ग्रुप के आठ-आठ मरीजों ने दम तोड़ा। एबी पाजिटिव ब्लड ग्रुप के तीन मरीजों की मौत हुई। एक मात्र संक्रमित बी निगेटिव था, जो कोरोना से जंग हार गया।

अब भर्ती होने वाले सभी मरीजों के लिए जाएंगे ब्लड नमूने

कोरोना संक्रमितों के ब्लड ग्रुप पर पूरी दुनिया में हो रहे शोध को देखते हुए कालेज प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब जो भी संक्रमित भर्ती होंगे, उनके ब्लड के नमूने लिए जाएंगे। ताकि संक्रमण का सबसे ज्यादा असर किस ब्लड ग्रुप के लोगों पर पड़ रहा है। इसका अध्ययन किया जा सके। साथ ही पूर्व में कोरोना वार्ड में उन मरीजों के रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं, जो गंभीर रूप से बीमार थे और उनकी ब्लड से संबंधित कुछ जांचें की गई थीं। इससे पता चल सकेगा कि उनका ब्लड ग्रुप क्या था।

30 मरीजों के ब्लड के नमूने लिए गए थे। उन सभी की मृत्यु हो गई है। अध्ययन में पता चला है कि सर्वाधिक पीडि़त पाजिटिव ब्लड ग्रुप के लोग थे। ओ पाजिटिव ब्लड ग्रुप वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही। अन्य मरीजों के बारे में भी पता किया जा रहा है, कुछ जांचों के लिए जिनके ब्लड के नमूने लिए गए थे, उनके बारे में भी अध्ययन किया जाएगा। - डा. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कालेज।

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