गोरखपुर में खत्म होने की तरफ कोरोना संक्रमण, पूरे जिले में अब केवल 124 सक्रिय मरीज

गोरखपुर में अब तक कोरोना से 59240 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसमें 58277 लोगों ने कोरोना को मात दे दी है। 839 की मौत हो चुकी है। 124 सक्रिय मरीज रह गए हैं। इस बीच 24 घंटे में मात्र तीन संक्रमित मिले।

Pradeep SrivastavaTue, 22 Jun 2021 12:25 PM (IST)
गोरखपुर में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है। - प्रतीकात्मक तस्वीर

गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर में कोरोना संक्रमण का ग्राफ लगातार गिर रहा है। सोमवार को 24 घंटे में मात्र तीन संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। तीनों मरीज शहर के हैं। इसके पहले 20 मार्च को पांच संक्रमित मिले थे। माैतों की भी रोकथाम हो गई है। सोमवार को कोई मौत नहीं हुई है।

जिले में अब केवल 124 सक्रिय मरीज

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि अब तक 59240 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 58277 लोगों ने कोरोना को मात दे दी है। 839 की मौत हो चुकी है। 124 सक्रिय मरीज रह गए हैं। उन्होंने बचाव की अपील की है।

तीसरी लहर से लड़ने को 20 बेड का पीकू वार्ड तैयार

कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी है। बीआरडी मेडिकल कालेज के बाद अब टीबी अस्पताल, नंदानगर में 20 बेड का पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (आइसीयू ) वार्ड तैयार कर दिया गया है।

प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. एके सिंह ने बताया कि अस्पताल में 90 बेड का लेवल टू कोविड वार्ड संचालित है। जिसमें से 20 बेड पीकू वार्ड के लिए सुरक्षित किए गए हैं। अस्पताल में पहले से 21 वेंटिलेटर उपलब्ध है। शासन से दस और पीडियाट्रिक वेंटिलेटर मिलने वाले हैं। बाल रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए सीएमओ के जरिए शासन को पत्र लिखा गया है। पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। आवश्यक दवाएं मंगाई जा रही हैं।

आक्सीजन के लिए अस्पताल में 400 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) का संयंत्र स्थापित किया गया है। यह मशीन कोयंबटूर, कर्नाटक से मंगाई गई है। प्लांट से आक्सीजन उत्पादन शुरू होने पर एक साथ 84 मरीजों को उनके बेड तक सीधे आक्सीजन पहुंचाया जा सकेगा। अस्पताल के पास 150 सिलेंडर उपलब्ध हैं।

21 दिन के मासूम को छोड़कर स्वजन गायब

बीआरडी मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती 21 दिन की मासूम बच्ची को छोड़कर स्वजन चले गए हैं। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची स्वस्थ हो गई है। कालेज प्रशासन ने उसके पिता से संपर्क करने की कोशिश की तो मोबाइल बंद मिला। इसकी सूचना मेडिकल कालेज चौकी को दी गई है।

शुक्रवार को कुशीनगर के कुंदूर निवासी रितिक अपने 21 दिन को मासूम बच्ची को इलाज के लिए भर्ती कराए। बच्ची के स्वस्थ हो जाने पर उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन मोबाइल बंद मिला। प्राचार्य डा. गणेश कुमार ने बताया कि उनका मोबाइल नंबर बंद है।

मानसिक वार्ड से महिला मरीज गायब

बीआरडी मेडिकल कालेज के मानसिक ओपीडी में सोमवार को बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के मोहम्मदपुर निवासी 45 वर्षीय रामदुलारी को स्वजन इलाज के लिए पहुंचे। उन्हें मानसिक वार्ड में भर्ती कराया गया। शाम चार बजे महिला मरीज बेड से गायब हो गईं। काफी खोजबीन के बाद जब नहीं मिली तो कालेज प्रशासन ने इसकी सूचना गुलरिहा पुलिस को दी है।

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