कोरोना ने बदल दिया बाजार का नेचर; सौंदर्य प्रसाधन की मांग घटी, साबुन-सर्फ व हैंडवाश की बढ़ी

कोरोना काल में सौंदर्य प्रशासन की मांग काफी कम हो गई है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

कोरोना काल में कई सामानों की बिक्री में 40 से 60 फीसद तक गिरावट आई है। लगन और ईद के बावजूद सौंदर्य बढ़ाने वाले उत्पादों की बिक्री काफी कम हो गई है। जबकि राेजमर्रा में शामिल साबुन सर्फ हैंडवाश सैनिटाइजर की बिक्री में उछाल आया है।

Pradeep SrivastavaSun, 16 May 2021 10:30 AM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। कोराेना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने सिर्फ आम लाेगों को ही नहीं, बल्कि बाजार को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले चीजों को छोड़ बाकी चीजों की बिक्री में 40 से 60 फीसद तक गिरावट आई है। लगन और ईद के बावजूद सौंदर्य बढ़ाने वाले उत्पादों की बिक्री काफी कम हो गई है। शादियों में मेहमानों की सीमित संख्या, आवाजाही पर रोक और ब्यूटी पार्लर का बंद होना इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।

इन सामानों की बिक्री में आया उछाल

राेजमर्रा में शामिल साबुन, सर्फ, हैंडवाश, सैनिटाइजर की बिक्री में उछाल आया है। दरअसल कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोग सामान खरीदने के हाथों को साबुन या हैंडवाश से साफ कर रहे हैं। इसी तरह जो लोग घर से बाहर निकल रहे हैं वह वापस लौटकर कपड़ा सीधे धुलने को डाल दे रहे है। इस वजह से साबुन, हैंडवाश और सर्फ की खपत बढ़ी है। इन चीजों की इतनी मांग है कि थोक कारोबारी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। शाहमारुफ के थोक कारोबारी मोहम्मद मेराज ने बताया कि साबुन, कपड़ा धाेने का पावडर और सैनिटाइजर के छोटे पैक की मांग ज्यादा है। कोरोना को देखते हुए लोग ऐसा पैक खरीद रहे हैं जेब में आसानी से आए जाए। 

कोरोना ने ब्यूटी पार्लर के काराेबार को दिया बड़ा झटका

वहीं दूसरी तरफ ब्यूटी क्रीम, मसाज क्रीम, फेस पाउडर, कंसीलर, ब्लीच पैक, आई लाइनर, फरफ्यूम, लिपिस्टिक, मसकरा, नेलपालिश, फेस पैक और चूड़ियों की मांग काफी कम हुई है। मास्क लगाकर घर से निकलने की बाध्यता के कारण महिलाएं मेकअप से परहेज कर रही हैं। सिर्फ मेकअप रिमूवर तथा सनस्क्रीम की मांग ने बाजार को बचाए रखा है।

थोक कारोबारी दिनेश शर्मा मुताबिक लाकडाउन की वजह से आसपास के जिलों से भी दुकानदार सामान खरीदने नहीं आए, जबकि लगन और ईद में सौंदर्य प्रसाधन की खूब बिक्री होती है। अक्टूबर से पहले इस ट्रेड में उछाल आने की उम्मीद नहीं है, ऐसे में लाखों रुपये का सामान एक्सपायर हो जाएगा। चूड़ी विक्रेता एजाज अहमद ने बताया कि लगन और ईद में चूडि़यों की बिक्री खूब होती थी, लेकिन काेरोना कफ्यू में ही पीक सीजन निकल गया। 

बिक्री न होने से कर्मचारियों के वेतन पर संकट

बिक्री न होने से कर्मचारियों का वेतन तो दूर दुकान का किराया देना भी मुश्किल हो रहा है। दूसरी तरफ ब्यूटी पार्लरों पर भी कोरोना की मार पड़ी है। मेडिकल कालेज रोड पर ब्यूटी पार्लर संचालित करने वाली कंचनलता ने बताया कि कोरोना की वजह से 40 से ज्यादा बुकिंग लोगों ने निरस्त कर दी। कुछ महिलाएं घर पर सर्विस चाहती थी, जिसे हालात को देखते हुए मना कर दिया गया। लगातार दो सालों से नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो 30 फीसद ब्यूटी पार्लर बंद हो जाएंगे।

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