मैरिज एक्सप्रेस पर कोरोना का ब्रेक, लोग ऐसे कर रहे एडजस्‍ट Gorakhpur News

सरकार के नए गाइडलाइन से शादी-समारोहों पर ब्रेक लग गया है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

शादी समारोह में मेहमानों की संख्या को लेकर मैरिज हाउस प्रबंधन भी पसोपेश में है। उन्हें डर है कि अगर मेहमानों की संख्या 100 से ज्यादा हुई तो प्रशासन का चाबुक उनपर चलेगा। मैरिज हाउस प्रबंधन अब आयोजकों से लिखित आश्‍वान लेने के बाद भी बुकिंग कर रहा है।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 11:01 AM (IST) Author: Pradeep Srivastava

गोरखपुर, जेएनएन। लाकडाउन-5 के बाद शिथिल हुई पाबंदियों ने मैरिज एक्सप्रेस को फुल स्पीड में दौड़ने का इशारा किया तो लग्न-मुहूर्त तय कर मायूस बैठे परिवारों में उत्‍साह का संचार हो गया। तामझाम के साथ वह शादी की तैयारियों में जुटे ही थे कि कोरोना ने एक फिर उनकी तैयारियों पर ब्रेक लगा दिया। घराती-बराती मिलाकर कुल 100 लोगों को शादी में शामिल होने की बाध्यता ने कुलांचे भरती हसरतों पर पानी फेर दिया है। अब न केवल घराती बल्कि बराती पक्ष के लोग भी अपने मेहमानों को सीमित करने की कवायद में जुट गए हैं। सरकार के फरमान का हवाला देकर मान-मनौव्वल का दौर शुरू हो चुका है। कई लोग मेहमानों को यह समझाने में लगे हैं कि जब शादी का कार्ड दिया था तब दो सौ लोगों की अनुमति थी इसलिए कुछ 'एडजस्‍ट' करें। 

ऐसे कर रहे 'एडजस्‍ट'

कुछ लोगों ने इसका रास्‍ता भी निकाल लिया है। इसके लिए आयोजन और भोजन दो-तीन घंटा पहले शुरू कर मेहमानों के आने का समय दिया जा रहा है। शाम को छह से सात बजे तक सौ लोग, सात बजे से आठ बजे तक सौ लोग, आठ से नौ बजे तक सौ लोग। इस तरह से लोग आते-जाते रहेंगे तो सौ की संख्‍या भी मेंटेन रहेगी और कोविड 19 का पालन भी आसान होगा। उधर, शादी समारोह में मेहमानों की संख्या को लेकर मैरिज हाउस प्रबंधन भी पसोपेश में है। उन्हें डर है कि अगर मेहमानों की संख्या 100 से ज्यादा हुई तो प्रशासन का चाबुक सबसे पहले उनपर चलेगा।

लाकडाउन ठप हो गए थे शादी समारोह

मार्च के आखिरी सप्ताह में लाकडाउन के बाद से ही शादी समारोह लगभग ठप से हो गए। अनलाक में कुछ शादियां हुईं भी तो परिवार के चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में। इधर, पिछले चार महीने से लग्न नहीं होने के कारण शादियों पर ब्रेक लगा रहा। कोरोना के डर के बावजूद विवाह समारोह को लेकर लोगों में कितना उत्साह है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 25 नवंबर के लिए शहर के सभी वेडिंग प्वाइंट की एडवांस में बुकिंग महीनों पहले हो चुकी है। इस दिन तुलसी विवाह है और सबसे ज्यादा लोग इसी दिन शादी करना चाह रहे हैं। शहर में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 295 मैरिज हाउस एवं बैंक्वेट हाल है, लेकिन कोई भी खाली नहीं है। इस लग्न में सिर्फ शहर में पांच हजार से ज्यादा शादियां होनी है। कई लोगों ने दाेगुने दाम पर मैरिज हाउस बुक कराया है, लेकिन इसी बीच शासन का नया निर्देश लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। 

नहीं ले जाएंगे बरात, मंदिर में करेंगे विवाह 

बक्शीपुर के रजत कुमार ने बताया कि दो सौ लोगों को बेटी की शादी का कार्ड बांटा जा चुका है। शादी में सिर्फ पांच दिन बचे हैं, ऐसे में समझ में नहीं आ रहा मेहमानों की संख्या कम कैसे करें। कूड़ाघाट के संदीप मिश्रा ने बताया कि पाबंदी को देखते हुए बारात ले जाने के बजाए मंदिर में विवाह करेंगे, जिसमें वर-वधू के करीबी लोग और रिश्तेदार मौजूद रहेंगे। वधू पक्ष ने इस पर सहमति जता दी है। दीपक बैंड के रमेश शर्मा ने कोविड गाइडलाइन को देखते हुए बैंड में कुछ बदलाव किया गया है। संक्रमण का खतरा न हो इसके लिए बैंड में सिंगर और साउंड सिस्टम नहीं होगा। मुंह से बाजा बजाने वालों को छोड़कर सभी मास्क पहनेंगे। बैंड में शामिल लोगों की संख्या भी कम की जाएगी।

प्रशासन की अनुमति के बिना मैरिज हाउस में नो इंट्री

शादी समारोह को लेकर जारी नई गाइडलाइन को देखते हुए मैरिज हाउस प्रबंधन ने स्पष्ट कह दिया है कि प्रशासन से अनुमति लेकर आने वालों को ही मैरिज हाउस में आयोजन की अनुमति मिलेगी। एक समय पर मेहमानों की संख्या सौ से ज्यादा न हो यह देखना वर-वधू पक्ष का काम है। मैरिज हाउस एसोसिएशन के महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने बताया कि नवंबर की 25, 26, 29, 30 तथा दिसंबर की 1, 2, 6, 7, 8, 9,10, 11, 13, 15 तारीख की बुकिंग चार महीने पहले ही चुकी है।

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