कमिश्नर का फरमान, सरकारी कार्यालयों, अधिकारियों व कर्मचारियों के घर लगाएं स्मार्ट मीटर

सरकारी कार्यालयों एवं सरकारी आवासों में रह रहे अधिकारियों व कर्मचारियों के वहां प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाएं। कार्यालय में अनावश्यक बिजली का प्रयोग न हो अधिकारी जैसे ही अपने कमरे से बाहर जाए लाइट पंखा आदि बंद कर दें।

Rahul SrivastavaThu, 16 Sep 2021 04:02 PM (IST)
सरकारी कार्यालयों एवं सरकारी आवासों में लगाए जाएंगे स्मार्ट मीटर। प्रतीकात्मक तस्वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : सरकारी कार्यालयों एवं सरकारी आवासों में रह रहे अधिकारियों व कर्मचारियों के वहां प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाएं। कार्यालय में अनावश्यक बिजली का प्रयोग न हो, अधिकारी जैसे ही अपने कमरे से बाहर जाए लाइट, पंखा आदि बंद कर दें। साथ ही सरकारी आवासों में रह रहे अधिकारी और कर्मचारी हर महीने नियमित रूप से बिजली बिल जमा करें। ऐसा न करने पर बिजली निगम के अफसर इनकी मानीटरिंग करें और बकाये में आपूर्ति ठप कर दें। यह निर्देश कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने आयुक्त सभागार में आयोजित बिजली निगम के मंडलीय समीक्षा के दौरान दिए।

प्राथमिकता के आधार पर कराएं तार बदलने का काम

कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने कहा कि अंडरग्राउंड केबल, जर्जर पोल/तार बदलने के काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं। अक्सर इसमें लापरवाही देखने को मिल रही है, जहां भी बांस-बल्ली से कनेक्शन गए हों, वहां बांस-बल्ली हाटकर पोल लगवाएं। उन्होंने कहा कि अगर उपभोक्ता बिजली से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए फोन कर रहा है तो उसे सुनें और उपभोक्ता की परेशानी संवेदनशील होकर दूर कराएं। उपभोक्ताओं को गलत बिल न मिलने पाए इसका पूरी तरह से ख्याल रखें।

कमिश्नर ने 15 प्रधानों का संवाद कराया निगम के अधिकारियों से

कमिश्नर ने गांव की बिजली को लेकर आ रही समस्याओं के समाधान के लिए 15 प्रधानों का बिजली निगम के अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित कराया। बैठक में प्रधानों जर्जर पोल/तार बदलने की मांग की। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालयों में बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना अति आवश्यक है, क्योंकि इसके संचलन से जहां गंदगी से निजात मिलेगी साथ ही बीमारियों से भी बचा जा सकेगा। बैठक में बिजली निगम के मुख्य अभियंता ई. राजेंद्र प्रसाद, अधीक्षण अभियंता यूसी वर्मा, अधिशासी अभियंता समेत भटहट, खोराबार एवं पिपराइच के ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

मीटर में स्टोर मिली छह लाख रुपये की रीडिंग

मीटर में रीडिंग स्टोर कर कम बिल जमा करने का खेल लगातार चल रहा है। कहीं मीटर रीडर जानबूझकर रीडिंग स्टोर कर बिजली निगम के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो कहीं घरों तक न पहुंचने के कारण सही रीडिंग नहीं ली जा पा रही है। इस वजह से भी बिजली बिल का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जांच के दौरान शहरी क्षेत्र के 60 उपभाेक्ताओं के यहां करीब एक लाख यूनिट रीडिंग स्टोर मिली।

60 घरों में स्टोर मिली एक लाख रीडिंग

शहर के इंडस्ट्रियल इस्टेट, राप्तीनगर, रुस्तमपुर, खोराबार, मोहद्दीपुर, गोलघर, बक्शीपुर और शाहपुर क्षेत्र में छूटे कनेक्शनों की बिलिंग के दौरान 60 घरों में करीब एक लाख रीडिंग स्टोर मिली। जांच के दौरान कई ऐसे कनेक्शन मिले, जिनके मीटर में तीन हजार से 14 हजार तक रीडिंग स्टोर मिला। इन उपभोक्ताओं को छह लाख रुपये का बिल थमाया गया है। अधीक्षण अभियंता शहरी ने बताया कि रीङ्क्षडग स्टोर के कई मामले सामने आए हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है।

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