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साल भर में अस्‍पताल में सिर्फ दो मरीज भर्ती होने की जानकारी पर मंडलायुक्त चौंके Gorakhpur News

साल भर में अस्‍पताल में सिर्फ दो मरीज भर्ती होने की जानकारी पर मंडलायुक्त चौंके Gorakhpur News
Publish Date:Wed, 08 Jul 2020 04:59 PM (IST) Author: Satish Shukla

गोरखपुर, जेएनएन। मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर ने खजनी ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बांसगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तथा हरिहरपुर व बसियाखोर गांव का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग के कोरोना विशेष सर्विलांस अभियान का स्थलीय सत्यापन किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खजनी एवं बसियाखोर गांव में निरीक्षण के दौरान सर्विलांस टीम के कार्यों में लापरवाही मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने डॉ. महेश कुमार के कार्यों में लापरवाही मानते हुए स्पष्टीकरण लेने के साथ ही उनका वेतन रोकने का निर्देश अपर निदेशक स्वास्थ्य को दिया।

निरीक्षण में मिली खामियां 

सीएचसी बांसगांव मे इंसेफ्लाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (इटीसी) के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने मौके पर उपस्थित डॉक्टर से माइक्रोप्लान के बारे में पूछा, लेकिन वे कोई जानकारी नहीं दे सके। इंसेफ्लाइटिस वार्ड में पहुंचते ही मरीजों का भर्ती रजिस्टर मांगा। रजिस्टर में 2019 में दो तथा 2020 में अबतक दो मरीजों को ही भर्ती दिखाया गया था। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों को बुखार ही नहीं होता क्या? लगता है कि यहां एएनएम एवं आशा बहुएं या तो कार्य नहीं करतीं या फिर आने वाले मरीजों को हॉस्पिटल के जिम्मेदारों द्वारा भर्ती नहीं किया जाता। मंडलायुक्त ने जब अधीक्षक डा. एएन प्रसाद के संबंध में पूछा तो बताया गया कि वह छुट्टी पर हैं। इस पर उन्होंने सीएमओ को फोन पर फटकार लगाते हुए कहा कि जब कोविड महामारी का प्रकोप चल रहा है तो ऐसे में अधीक्षक को छुट्टी कैसे दे दी गई? सेंटर पर रिकार्ड कीपिंग की व्यवस्था ठीक न होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।

आशा बहुओं से ली जानकारी

मंडलायुक्त हरिहरपुर गांव भी पहुंचे और वहां पर सर्विलांस टीम के कार्यों को देखा। उन्होंने आशा सविता सिंह एवं सुनीता सिंह से कार्यों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने खजनी के कटघर गांव में मनरेगा के तहत कराए जा रहे तालाब खोदाई के कार्य का भी निरीक्षण किया। मौके पर मनरेगा के तहत तालाब की खोदाई कार्य चल रहा था जिसमें 20 प्रवासी कामगार भी कार्य कर रहे थे। प्रधान ने मंडलायुक्त को बताया कि तालाब खोदाई का कार्य पूर्ण होने के बाद इसे आजीविका मिशन के समूहों को देकर मछली पालन कराए जाने की योजना बनाई गयी है। मंडलायुक्त ने तालाबों के किनारों पर पौधरोपण कराने का भी निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक स्वास्थ्य जेएम त्रिपाठी, एसडीएम बांसगांव पंकज दीक्षित, डीसी मनरेगा उमेश तिवारी उपस्थित थे। 

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