सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा-आठ हजार करोड़ का निवेश पहली बार आया गोरखपुर में

गोरखपुर में प्रेसवार्ता करते मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, जागरण।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिलुआताल खाद कारखाना के लिए बड़ा जलस्रोत बना है। खाद कारखाना और यहां बनाए गए आवासों में जलापूर्ति के बाद जो पानी बचेगा उसका शहर में उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन के बारे में भी उन्‍होंने जानकारी दी।

Satish chand shuklaThu, 04 Mar 2021 01:53 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खाद कारखाना के रूप में गोरखपुर में पहली बार आठ हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है। खाद कारखाना शुरू होने के साथ ही स्किल डेवलपमेंट सेंटर भी शुरू किया जाएगा। खाद कारखाना से किसानों को समय से यूरिया मिलेगी तो युवाओं को रोजगार। स्किल डेवलपमेंट सेंटर से युवाओं को खाद कारखाना के साथ ही बाहर भी रोजगार मिलेगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का भी काम अंतिम चरण में है।

खाद कारखाना का निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1990 में खाद कारखाना बंद हुआ था। 26 वर्ष बाद वर्ष 2016 में नए खाद कारखाना का शिलान्यास कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार किया था। किसानों को समय से खाद एवं रसायन के लिए देश पर ही निर्भर रहने के लिए प्रधानमंत्री ने क्षमता विकसित की। वर्ष 2018 में खाद कारखाना का काम शुरू हुआ। एक वर्ष से देश और दुनिया महामारी से जूझ रहे हैं। इसके बाद भी  हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) की प्रगति संतोषजनक है। जो काम बचे हैं उन्हें कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर पूरा किया जाए। प्रयास होगा कि प्रधानमंत्री को गोरखपुर आमंत्रित कर खाद कारखाना को राष्ट्र को समर्पित कराया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में रेल मंत्रालय के सहयोग से उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने कोविड के दौरान भी खाद की कहीं कमी नहीं होने दी। कहा कि उर्वरक एवं रसायन मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा हर 15 दिन पर खाद कारखाना निर्माण कार्य की समीक्षा करते हैं।

इस दौरान राज्य सभा सदस्य शिवप्रताप शुक्ल, जयप्रकाश निषाद, उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय के सचिव राजेश कुमार चतुर्वेदी, अतिरिक्त सचिव धर्मपाल, एचयूआरएल के एमडी अरुण कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।

54 साल बार फिर जापान की टोयो ने किया काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि वर्ष 1967-68 में जब फर्टिलाइजर कारपोरेशन आफ इंडिया के सहयोग से गोरखपुर में खाद कारखाना का निर्माण शुरू हुआ तो जापान की टोयो कंपनी ने काम किया था। कंपनी ने अच्छा काम किया और यहां की यूरिया को उत्तर प्रदेश, बिहार के साथ ही झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी काफी पसंद किया जाता था। वहां भी गोरखपुर की यूरिया काफी लोकप्रिय थी।

चिलुआताल के पानी का शहर में होगा उपयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिलुआताल खाद कारखाना के लिए बड़ा जलस्रोत बना है। खाद कारखाना और यहां बनाए गए आवासों में जलापूर्ति के बाद जो पानी बचेगा उसका शहर में उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पानी हर घर तक पहुंचाने के लिए हो रहे कार्यों के बारे में भी बताया।

जेई-एईएस से मौत पर 95 फीसद नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान और साफ पानी की उपलब्धता के कारण जेई व एईएस से मौत और बीमारों की संख्या पर लगाम लग चुकी है। वर्ष 1977 से 2017 तक हर साल जेई से 12 सौ से 15 सौ बच्चों की बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में मौत हो जाती थी। इतनी ही संख्या में बच्चे घरों में बिना इलाज दम तोड़ देते थे। अब जेई से बीमारों की संख्या पर 75 फीसद और मौत पर 95 फीसद नियंत्रण पा लिया गया है।

कोरोना समाप्ति की ओर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना समाप्ति की ओर है। फिर भी हमें सतर्कता नहीं छोडऩी चाहिए।

एमडी की तारीफ की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एचयूआरएल के एमडी अरुण कुमार गुप्ता की तारीफ की। कहा कि जब खाद कारखाना का काम शुरू होना था तब अरुण कुमार गुप्ता आए थे। वह पूरी तत्परता से खाद कारखाना का निर्माण पूरा कराने में जुटे हुए हैं। निर्माण कार्य में रुचि लेते हैैं और जरूरतों के बारे में तत्काल अवगत कराते हैं।

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.