UP: CM योगी आदित्‍यनाथ का निर्देश, कोविड अस्पतालों में लगाए जाएं सीसी कैमरे

गोरखपुर में एम्‍स का निरीक्षण करते सीएम योगी आदित्‍यनाथ। - जागरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिया है कि कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। हर कोविड अस्पताल में मरीजों के संबंध में जानकारी उनके स्वजन को जरूर दी जाए। होम आइसोलेशन में रहने वालों से सांसद व विधायक भी बात करें और उनका हौसला बढ़ाएं।

Pradeep SrivastavaTue, 11 May 2021 07:05 AM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को हर हाल में कोरोना का संक्रमण रोकने के निर्देश दिए। कहा कि जिलों में रैपिड रिस्पांस टीमों (आरआरटी) व निगरानी समितियों की संख्या बढ़ाई जाए। कोविड प्रबंधन और कांटैक्ट ट्रेसिंग में लापरवाही अक्षम्य होगी। कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। हर कोविड अस्पताल में मरीजों के संबंध में जानकारी उनके स्वजन को जरूर दी जाए। होम आइसोलेशन में रहने वालों से सांसद व विधायक भी बात करें और उनका हौसला बढ़ाएं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सभी का नंबर जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएगा।

बढ़ाई जाएं निगरानी समितियां, इनके माध्यम से कराया जाए मेडिकल किट का वितरण

मुख्यमंत्री बाबा राघवदास मेडिकल कालेज के सभागार में गोरखपुर के जनप्रतिनिधियों, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से रूबरू थे। साथ ही उन्होंने गोरखपुर मंडल के देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज और बस्ती मंडल के बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर के अफसरों के साथ वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कोविड नियंत्रण के संबंध में हर जिले से विस्तृत जानकारी ली। कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए आरआरटी व निगरानी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। निगरानी समितियों की संख्या तीन से चार गुना तक बढ़ाई जाए। मेडिकल किट का वितरण निगरानी समितियों के माध्यम से हो। इसका सत्यापन भी कराया जाए। पर्याप्त मेडिकल किट सभी जिलों में उपलब्ध कराई जाए। आक्सीजन की कालाबाजारी पर हो कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कहा कि आक्सीजन की आडिट हर हाल में कराई जाए। आक्सीजन बर्बाद न होने पाए। आक्सीजन की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। ऐसे करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

कंटेनमेंट जोन में करें सख्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में सख्ती की जाए। सिर्फ मेडिकल, स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, फागिंग, डोर स्टेप डिलेवरी की ही यहां अनुमति होगी। सावधानी व सतर्कता ही कोविड से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है।

गोरखपुर में मिले पाजिटिव

महीना       नमूना पाजिटिव

मई 20      2103 65

जून 20 7803 269

जुलाई 20 27227 1826

अगस्त 20 68701 7067

सितंबर 20 145131 6161

अक्टूबर 20 170537 3534

नवंबर 20 91410 1120

दिसंबर 20 104713 938

जनवरी 21 79507 404

फरवरी 21 69378 90

मार्च 21 62372 325

अप्रैल 21 242275 20348

मई 21 59123 7496

मई 21 का डाटा 10 मई सुबह 10 बजे तक का है

होम आइसोलेशन में पाजिटिव और दी गई किट

जिला आइसोलेशन किट

गोरखपुर 7339 7339

देवरिया 1926 1888

कुशीनगर 2856 2733

महराजगंज 641 641

आंकड़े एक मई 21 से नौ मई तक के

महराजगंज में सर्वाधिक कंटेनमेंट जोन

जिला कंटेनमेंट जोन

गोरखपुर 401

देवरिया 438

कुशीनगर 138

महराजगंज 594

कोरोना संक्रमितों के लिए एंबुलेंस

जिला 108 एंबुलेंस एलएलएस प्राइवेट

गोरखपुर 30          4             30

देवरिया 17           3             0

कुशीनगर 18          2             0

महराजगंज 18         2             2

आक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता और उपलब्धता

जिला आवश्यकता उपलब्धता

गोरखपुर 4312 2250

देवरिया 765 450

कुशीनगर 698 120

महराजगंज 500 240

अब तक लगा टीका

जिला प्रथम डोज द्वितीय डोज 18 से 44

गोरखपुर 273632 65420 11706

देवरिया 155379 40531 0

कुशीनगर 129938 38654 0

महराजगंज 149169 30837 0

समीक्षा में यह निकला निष्कर्ष

आक्सीजन की कमी, आपूर्ति बढ़ाने की जरूरत

उपयुक्त मानव संपदा की कमी

मंडल में लेवल दो व तीन के नर्सिंग होम की कमी

लेवल दो की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों व कर्मचारियों को आइसीयू प्रबंधन में लगातार ट्रेनिंग की जरूरत

आशा व एएनएम के कई कार्यों में व्यस्तता के कारण कंटेनमेंट जोन में सक्रिय केस का क्रियान्वयन ठीक न होना

स्वीकृत पदों के सापेक्ष भर्ती की जरूरत

यह करना होगा

आइसीयू में बेड की संख्या में बढ़ोत्तरी

समय से आक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता

आक्सीजन आडिट

आक्सीजन सिलेंडर की रिफिलिंग की क्षमता में वृद्धि

तेजी से टीकाकरण अभियान चलाना

आरआरटी व निगरानी समितियों की क्रियाशीलता का पर्यवेक्षण

बाबा राघवदास मेडिकल कालेज के विशेषज्ञों की ओर से जिलों में लेवल दो सुविधा वे संस्थानों के डाक्टरों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण

मानव संसाधन और उपकरणों का कोरोना संक्रमण के इलाज से जुड़े कार्यों में इस्तेमाल

यह है डाक्टरों की संख्या

जिला स्वीकृत पद उपलब्धता खाली

गोरखपुर 365 243 122

देवरिया 246 170 76

कुशीनगर 243 182 61

महराजगंज 210 129 81

यह है स्टाफ नर्स की संख्या

जिला स्वीकृत पद उपलब्धता खाली

गोरखपुर 135 112 23

देवरिया 87 70 17

कुशीनगर 117 58 59

महराजगंज 85 50 35

यह निर्देश भी दिए

एंबुलेंस 108 का 75 फीसद प्रयोग कोविड-19 में किया जाए, आरआरटी को वाहन उपलब्ध कराएं। मरीज को जल्द सुविधा मिले तो जल्द बीमारी दूर होगी

लक्षणयुक्त या संदिग्ध की तत्काल जांच कराएं, रिपोर्ट पाजिटिव आते ही तत्काल मेडिकल किट उपलब्ध कराएं

आक्सीजन की उपलब्धता, रेमडेसिविर इंजेक्शन, होम आइसोलेशन, स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, फागिंग आदि कार्यों की व्यवस्था कराएं

जिला स्तर पर समिति गठित कर उनके कार्य व दायित्व निर्धारित किए जाएं

कड़ाई से हो कोरोना कर्फ्यू का पालन, अति आवश्यक सेवाओं में नहीं आनी चाहिए बाधा

निजी अस्पतालों में जांच व इलाज में ओवरचार्जिंग तथा एंबुलेंस चालकों की वसूली पर कड़ी कार्रवाई हो

गेहूं क्रय केंद्रों को कोविड प्रोटोकाल के तहत संचालित करें

गोआश्रय स्थल पर चारे आदि की व्यवस्था हो

रोजाना 24 घंटे के अंदर पाजिटिव केस, रिकवरी, सक्रिय केस आदि की समीक्षा की जाए।

अनाज वितरण कार्य की निगरानी के लिए नामित हों एक नोडल अधिकारी

गोरखपुर मंडल में 4856 क्रियाशील निगरानी समितियां, ग्रामीण क्षेत्र में 4368, शहरी क्षेत्र में 488

स्वच्छता, सेनेटाइजेशन और फागिंग कार्य अभियान के रूप में चलाएं, इसके लिए नोडल अधिकारी नामित करें।

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