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मुख्‍यमंत्री ने दिया निर्देश, गोरखपुर के शहरी क्षेत्र में फोरलेन निर्माण को एक माह में पूरा करें Gorakhpur News

मुख्‍यमंत्री ने दिया निर्देश, गोरखपुर के शहरी क्षेत्र में फोरलेन निर्माण को एक माह में पूरा करें Gorakhpur News
Publish Date:Wed, 12 Aug 2020 12:10 PM (IST) Author: Satish Shukla

गोरखपुर, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जंगल कौडिय़ा-मोहद्दीपुर मार्ग की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मार्ग पर आने वाले शहरी क्षेत्र में सड़क के निर्माण कार्य को हर हाल में एक माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमित मरीजों की निगरानी के साथ-साथ उनके इलाज की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ लेवल-2 व लेवल-3 श्रेणी के अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाकर एक हजार करने के निर्देश दिए।

कमिश्‍नर एवं डीएम को करनी होगी हर हफ्ते सड़क निर्माण की प्रगति की समीक्षा

एनेक्सी भवन में बैठक के दौरान मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर, जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन, एनएच व पीडब्लूडी के अधिकारियों से मुखातिब मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी हर तीसरे दिन तथा जिलाधिकारी एवं मंडलायुक्त प्रत्येक सप्ताह सड़क निर्माण की प्रगति की समीक्षा करें। गोरखपुर-देवरिया व असुरन से मेडिकल कालेज तक सड़क निर्माण कार्य भी तेजी के साथ पूरा कराया जाए। महानिदेशक स्वास्थ्य, अपर निदेशक स्वास्थ्य, बीआरडी मेडिकल कालेज के प्राचार्य, मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एचएमसी, वेंटीलेटर एवं मानव संसाधन की व्यवस्था कर पर्याप्त संख्या में बेड के इंतजाम किए जाएं। कोई भी मरीज वापस नहीं होना चाहिए। होम आइसोलेशन में रह रहेे संक्रमित मरीजों की निगरानी इंटीग्रेटेड कंट्रोलरूम से करते हुए दिन में दो बार फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए।

अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाकर एक हजार करने पर जोर

संक्रमित में थोड़ा भी लक्षण दिखाई दे तो उन्हें तत्काल कोविड अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। मुख्यमंत्री ने बीआरडी मेडिकल कालेज में 500 बेड के चिकित्सालय में डेलिकेटेड कोविड का अस्पताल बनाने के साथ 100 बेड वाले टीबी अस्पताल में भी आक्सीजन एवं वेंटीलेटरयुक्त बेडों की संख्या बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कमिश्नर एवं अपर निदेशक स्वास्थ्य को अन्य जनपदों में भी लेवल-2 चिकित्सालय की स्थापना के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने एंटीजन किट से रोजाना 2500 जांच कराने के साथ डोर-टू-डोर सर्वे  और संक्रमण प्रभावित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाकर कांटेक्ट ट्रेसिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर अस्पताल में आग से बचाव के इंतजाम होने चाहिए। जेई व एईएस की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्वच्‍छता अभियान को नियमित रूप से चलाने तथा जलभराव वाले क्षेत्र में पानी हटते ही छिड़काव कराने को कहा। इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम में डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारी को तैनात करने के साथ लोगों को शुद्ध पेयजल और क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध कराने को कहा। सीएम ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि कहीं भी जलजमाव की स्थिति न रहे। प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को स्वच्‍छता एवं सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जाए।

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