सीएम योगी आदित्यनाथ ने की कोरोना योद्धाओं, अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के सहयोग की सराहना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए न केवल पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया बल्कि कोरोना संक्रमण रोकने में अहम योगदान देने वाले कोरोना योद्धाओं प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के सहयोग की भी तारीफ की।

Rahul SrivastavaSun, 25 Jul 2021 10:30 AM (IST)
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज परिसर में मौलश्री पौधे का रोपण करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए न केवल पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया, बल्कि कोरोना संक्रमण रोकने में अहम योगदान देने वाले कोरोना योद्धाओं, प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के सहयोग की भी तारीफ की। देवरिया में मुख्‍यमंत्री ने कहा कि इस सदी के सबसे बड़ी महामारी कोरोना काल में सबसे बड़ी आबादी वाले इस प्रदेश में काफी हद तक नियंत्रित करने में सफलता मिली। दुनिया के विकसित देश कोविड से त्रस्त रहे। ऐसे में स्वास्थ्य आधारभूत संरचना का कोविड को नियंत्रित करने में बहुत बड़ी भूमिका रही है।

आज पूरी तरह से नियंत्रित है जेई व एईएस

कोरोना योद्धा, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से इस अभियान को और बल मिला। जेई व एईएस से पूर्वांचल का क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित रहता था। आज पूरी तरह से नियंत्रित है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज के स्थापित होने से महामारियों को रोकने में बड़ा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोविड काल में निर्माण कार्य को पूर्ण किया जाना उपलब्धि होगी।

एक नजर में मेडिकल कालेज

महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज 100 मेडिकल छात्रों के प्रवेश के लिए तैयार है। इसकी लागत 208 करोड़ है। इसका निर्माण 25 अक्टूबर 2019 को शुरू हुआ। अब तक 155 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। एकेडमिक ब्लाक सहित कुल 15 भवनों का निर्माण कार्य कराया गया है। साथ ही कुल 29 फैकल्टी की नियुक्ति की जा चुकी है। गर्ल्‍स हास्टल में 120 छात्राओं और ब्वायज हास्टल में 180 छात्रों के रहने के लिए भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अभी तक शैक्षणिक भवन, सेंट्रल लाइब्रेरी, एनाटामी, बायोकेमिस्ट्री, फिजियोलाजी एवं प्रशासनिक भवन में प्रिंसिपल आफिस व अन्य आफिस, कालेज काउंसिल रूम, फाइनेंस कंट्रोल आफिस का कार्य पूरा कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

विद्युत संविदा मजदूर संगठन उप्र ने कृषि मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्रक दिया। इसमें प्रांतीय महामंत्री राजेश्वर सिंह ने कहा है कि आउसोर्स के माध्यम से एक मजदूर काम करता है तो उस मजदूर को मात्र 7739 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है और वहीं काम सैनिक निगम कल्याण के कर्मचारी कर रहे हैं तो उनको 18 हजार से 22 हजार रुपये दिया जा रहा है। यह कहां का न्याय है। हमारी पीड़ा को समझते हुए मांगों को पूरा किया जाए।

 

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