कोरोना वापसी की आशंका के बीच बदली गई टीकाकरण की व्‍यवस्‍था, टीकाकरण के लिए अब भेजी जाएगी बुलावा पर्ची

नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की व्‍यवस्‍था बदल दी गई है। इस संबंध में मिशन निदेशक अर्पणा उपाध्याय ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेज कर निर्देशित किया है। नियमित टीकाकरण सत्रों पर सभी लाभार्थी प्रतिरक्षित हो सकें इसके लिए स्वास्थ्य विभाग लक्षित लाभार्थियों को बुलावा पर्ची भेजकर बुलाएगा।

Pradeep SrivastavaTue, 30 Nov 2021 10:39 AM (IST)
कोरोना की वापसी की आशंका के बीच न‍ियम‍ित टीकाकरण की व्‍यवस्‍था बदल दी गई है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। कोरोना की वापसी की आशंका के बीच नियमित टीकाकरण कार्यक्रम (आरआइ) को सुदृढ़ किया जाएगा। इस संबंध में मिशन निदेशक अर्पणा उपाध्याय ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेज कर निर्देशित किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुधाकर पांडेय के निर्देशानुसार जिला प्रतिरक्षण विभाग भी इस कार्य में जुट गया है । नियमित टीकाकरण सत्रों पर सभी लाभार्थी प्रतिरक्षित हो सकें, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग लक्षित लाभार्थियों को बुलावा पर्ची भेज कर सत्र स्थल तक बुलाएगा।

धर्मस्‍थलों से भी कराई जाएगी अपील

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि कोविड टीकाकरण के साथ नियमित टीकाकरण कार्यक्रम भी सुचारु तौर पर चलाना विभाग की प्राथमिकता है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्रों के लिए माइक्रोप्लान उपलब्ध कराया जा रहा है। सत्रों का संचालन सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लाभार्थी जोड़े जा सकें। नियमित टीकाकरण सत्र दिवस से पहले ही आशा कार्यकर्ता के जरिये लाभार्थियों के बीच बुलावा पर्ची का वितरण करवाया जाएगा। साथ ही स्थानीय धर्म स्थल से भी एलान करवाया जाएगा। अगर सत्र स्थल में कोई बदलाव होता है तो इसकी भी सूचना दी जाएगी । डा. पांडेय ने बताया कि मिशन निदेशक स्तर से 18 बिंदुओं वाला दिशा-निर्देश प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ब्लाक स्तर पर टीम भी बनाई जा रही है, जो लोगों को प्रेरित करेगी।

पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक बार

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने ‘पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक बार’ का नारा दोहराते समुदाय से अपील की है कि गर्भवती के लिए टीडी 1, टीडी 2 व टीडी बूस्टर, बच्चे के जन्म के समय ओपीवी 0, हेपेटाइटिस बी बर्थ डोज, बीसीजी, जन्म के छह सप्ताह के भीतर ओपीवी 1, रोटा 1, एफआईपीवी 1, पेंटावैलेंट 1 व पीसीवी 1, 10 सप्ताह के भीतर ओपीवी 2, रोटा 2, पेंटावैलेंट 2, 14 सप्ताह के भीतर ओपीवी 3, रोटा 3, एफआइपीवी 2, पेंटावैलेंट 3, पीसीवी 2, 9 से 12 महीने के बीच एमआर 1, जेई 1, पीसीवी बी, 16 से 24 महीने के बीच ओपीवी बी, डीपीटी बी 1, एमआर 2, जेई टू, 5 से 6 साल के बीच डीपीटी बी 2, 10 साल की उम्र पर टीडी और 16 साल की उम्र पर लगने वाला टीडी टीका स्वास्थ्य विभाग निश्शुल्क उपलब्ध कराता है। आवश्यकता है लोग टीकाकरण के महत्व को समझें और इसके लिए भी आगे आएं।

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