बोर्ड परीक्षा में छात्रों की मदद करने के लिए गोलमाल, कारण जानकर हैरान हो जाएंगे Gorakhpur News

बोर्ड परीक्षा के लिए कक्ष निरीक्षकों की तैनाती में शुरू हुआ खेल। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

यूपी बोर्ड में कक्ष निरीक्षकों की तैनाती शुरू हो गई है। नियमों के तहत जिस विषय की परीक्षा होती है उस दिन उस विषय के शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगती है लेकिन इसे छिपाने के लिए स्कूल शिक्षकों के नाम के साथ उनके विषय नहीं लिख रहे हैं।

Rahul SrivastavaMon, 22 Mar 2021 12:10 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन : यूपी बोर्ड में कक्ष निरीक्षकों की तैनाती शुरू हो गई है। बोर्ड के नियमों के तहत जिस विषय की परीक्षा होती है, उस दिन उस विषय के शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगती है, लेकिन इसे छिपाने के लिए स्कूल शिक्षकों के नाम के साथ ही उनके विषय तक नहीं लिख रहे हैं, ताकि उनकी ड्यूटी जिस विषय के वह शिक्षक उस विषय की परीक्षा के दिन लग सके और वह आसानी से परीक्षा के दौरान छात्रों की मदद कर सकें।

जोरशोर से चल रही है बोर्ड परीक्षा की तैयारी

इस समय जिले में बोर्ड परीक्षा की तैयारी जोरशोर से चल रही है। राजकीय जुबिली इंटर कालेज स्थित कोठार में जहां अब तक 2.80 लाख कापियां आ चुकी हैं, वहीं कक्ष निरीक्षक बनने वाले शिक्षकों के परिचय पत्र भी बन रहे हैं। डीआइओएस कार्यालय में परिचय पत्र बनाने के लिए स्कूलों से शिक्षकों का ब्योरा मांगा जा रहा है, ताकि समय से उन्हें उनके परिचय पत्र उपलब्ध कराए जा सके। इस दौरान कई स्कूल शिक्षकों का ब्योरा देने में शिथिलता बरत रहे हैं तो कई शिक्षकों के नाम तो दे रहे हैं, लेकिन वह किस विषय के शिक्षक हैं यह नहीं दे रहे। अब तक इस तरह के एक दर्जन से अधिक मामले सामने आने के बाद डीआइओएस कार्यालय शिक्षकों का ब्योरा देने को लेकर सतर्क हो गया है। साथ ही विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि शिक्षक ब्योरा अपूर्ण होने पर परिचय पत्र नहीं बनाया जाएगा।

206 केंद्रों पर तैनात होंगे 6500 कक्ष निरीक्षक

24 अप्रैल से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले के 206 केंद्रों पर 6500 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती होगी। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना परिचय पत्र के कोई भी कक्ष निरीक्षक व केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा के दौरान ड्यूटी नहीं कर सकेंगे।

शिक्षकों का परिचय पत्र बनाने का काम अंतिम चरण में

डीआइओएस ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि शिक्षकों का परिचय पत्र बनाने का कार्य अंतिम चरण में है। ऐसा संज्ञान में आया है कि कई स्कूल शिक्षकों के विषय बताने में लापरवाही बरत रहे हैं। इन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

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