Post Covid Problem: कोरोना संक्रमण के समय स्टेरायड के ज्यादा प्रयोग से हुआ ब्रेन स्ट्रोक, शुगर लेबल भी बढ़ा

गोरखपुर में पोस्ट कोविड मरीजों में हार्ट फेफड़ा आंख अवसाद व ब्लैक फंगस की समस्या सामने आई थी। पहली बार ब्रेन स्ट्रोक के मामले सामने आए हैं। इन पांच मरीजों में से दो की आंखों सूज गई थीं। वे नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाने गए थे।

Pradeep SrivastavaWed, 16 Jun 2021 07:30 AM (IST)
पोस्ट कोविड मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। - प्रतीकात्मक तस्वीर

गाेरखपुर, गजाधर द्विवेदी। कोरोना वायरस का दंश संक्रमण मुक्त होने के बाद भी लोगों को परेशान कर रहा है। पांच पोस्ट कोविड मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक का मामला सामने आया है। पहले से शुगर से पीड़ित सभी मरीजों ने गांवों में इलाज कराया था और स्टेरायड का प्रयोग जरूरत से ज्यादा किया था। इस वजह से सभी का शुगर लेवल 300 एमजी से ज्यादा पहुंच गया था, जो ब्रेन स्ट्रोक का कारण बना। फिलहाल चार मरीज डाक्टर के फालोअप में हैं और उनमें 50 से 70 फीसद तक सुधार है।

गोरखपुर में ब्रेन स्ट्रोक का पहला मामला

अभी तक जिले में पोस्ट कोविड मरीजों में हार्ट, फेफड़ा, आंख, अवसाद व ब्लैक फंगस की समस्या सामने आई थी। पहली बार ब्रेन स्ट्रोक के मामले सामने आए हैं। इन पांच मरीजों में से दो की आंखों सूज गई थीं। वे नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाने गए थे। रेफर होकर न्यूरो सर्जन के पास पहुंचे। तीन मरीजों ने सीधे न्यूरो सर्जन से संपर्क किया। इनमें दो कुशीनगर के तथा चौरीचौरा, पिपराइच व महराजगंज के एक-एक मरीज हैं।

पिपराइच के मरीज के शुगर लेवल 380 पहुंच गया था। दरअसल ये सभी गांवों में इलाज करा रहे थे। ओपीडी बंद थी, मेडिकल स्टोरों से दवा लेकर खा रहे थे। सभी ने 15 दिन से अधिक स्टेरायड का प्रयोग किया था। सभी मरीजों का सी रियेक्टिव प्रोटीन (सीआरपी) 30 यूनिट से ज्यादा था जो छह यूनिट से कम होना चाहिए। इस टेस्ट के जरिये संक्रमण की गंभीरता का पता चलता है।

बरतें यह सावधानी

शुगर लेवल नियंत्रित रखें। डाक्टर के परामर्श पर ही स्टेरायड का प्रयोग करें। यदि आंख बंद हो रही है या सूजन है, हाथ-पैरों में कमजोरी आ रही है, चेहरा टेढ़ा हो रहा है, बोलने में दिक्कत हो रही है तो तत्काल डाक्टर से संपर्क करें।

जो मरीज पहले से डायबिटिक हैं, उन्हें स्टेरायड देने से उनकी इम्यूनिटी और कम हो जाती है। साथ ही शुगर लेवल बढ़ जाता है। दूसरे कोरोना की वजह से खून के थक्के जम रहे हैं। ऐसे में बढ़ा हुआ शुगर लेवल और खतरनाक हो जाता है। मरीजों में बेहोशी, लकवा या ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण आने लगते हैं। शुगर लेवल बढ़ने से पांच मरीजों के मस्तिष्क में ब्लड की क्लाटिंग हो गई थी जो ब्रेन स्ट्रोक का कारण बनी। - डा. सौरभ श्रीवास्तव, न्यूरो सर्जन।

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