भाजपा प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कहा, लोकसभा चुनाव में लड़ाई लीडर और डीलर्स के बीच

गोरखपुर, जेएनएन। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्षी पार्टियों पर तगड़ा निशाना साधा। सपा व बसपा को उन्होंने डील करने वाली पार्टियां कहा तो कांग्रेस को डीलर आफ आल डीलर्स कहा। पात्रा आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बेहद आक्रामक रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव में लड़ाई लीडर (नरेंद्र मोदी) आैर डीलर्स (विपक्षी पार्टियां) के बीच है।

गोरखपुर में मीडिया से मुखाबित संबित पात्रा ने कहा कि विपक्षी दलों को उन्होंने विध्वंसक दल की संज्ञा देते हुए कहा कि ये क्या कर रहे हैं, इसको लेकर चिंतन चल रहा है। विंध्वंसक दल हिंदुस्तान को बेचने की कसम खा चुके हैं। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ, सबका विकास के ध्येय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हुए खनन घोटाले में ईडी एमआईआर दर्ज करा चुकी है। खनन घोटाला तब हुआ है जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। एफआईआर दर्ज होने के बाद अखिलेश यादव अब त्राहि माम-त्राहि माम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बसपा ऐसी पार्टी हैं जिसमें पार्टी के भीतर भी डीलिंग होती है। आरोप लगाया कि बसपा में प्रत्याशियों को टिकट पैसा लेकर दिया जाता है। उन्होंने कांग्रेस को डी कंपनी (दलाल कंपनी) करार देते हुए कहा कि सपा व बसपा ने कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया है। कांग्रेस नेपथ्य में खड़े होकर चीयर्स लीडर की भूमिका अदा कर रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीमा पर सेनाओं ने पाकिस्तान का करारा जवाब दिया है। पहले की सरकारों ने सेना के हाथ बांध रखे थे लेकिन नरेंद्र मोदी ने खुली छूट दे रखी है। सेना के पराक्रम का पूरी दुनिया में नया संदेश गया है। अब गोली का जवाब गोले से दिया जा रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तानी सेना को करारा जवाब दिया चा चुका है।

राम मंदिर के निर्माण से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता राम भक्त आैर भारत भक्त हैं। भाजपा राम मंदिर के निर्माण को लेकर कटिबद्ध थी आैर है। कांग्रेस द्वारा अदालत में मामले को लटकाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में सपा व बसपा को भी निशाने पर रखते हुए कहा कि बसपा राम मंदिर का निर्माण चाहती ही नहीं है। सपा को राम मंदिर के बारे में कुछ पूछने का हक नहीं है। सपा के ही नेता ने कहा कि था कि अभी 16 मारे गये हैं जरूरत पड़ी तो 40 भी मारे जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मजबूत बनाम मजबूर सरकार की लड़ाई है। फैसला मजबूत सरकार के पक्ष में ही जनता लेगी।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने प्रधामंत्री पद की गरिमा को गिराने का कार्य कर रहे। महत्वाकांक्षा की इस लड़ाई में अब प्रधानमंत्री की कुर्सी नहीं प्रधानमंत्री को चटाई कहना होगा। क्योंकि कुर्सी पर कोई एक ही व्यक्ति बैठ सकता है आैर विपक्षी दल के सभी नेता प्रधानमंत्री बनना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टेज पर हाथों में हाथ लेकर फोटो खिंचाने वाले विपक्षी दलों के नेता स्टेज के पीछे एक दूसरे की जमीन खिसकाने में जुटे हुए हैं।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.