खर्राटा आने पर संभल जाएं, धीरे-धीरे खराब हो जाते हैं शरीर के सभी अंग Gorakhpur News

नाक कान व गला रोग विशेषज्ञ डा. अर्पित श्रीवास्तव। - जागरण

खर्राटा शरीर में आक्सीजन की मात्रा कम होने का लक्षण है। हमारे सभी अंगों को आक्सीजन चाहिए। जब इसकी मात्रा कम होने लगती है तो अंग ठीक से काम नहीं करते और धीरे-धीरे खराब होते जाते हैं। इसकी वजह से ब्लड प्रेशर बढऩे हार्ट अटैक की आशंका रहती है।

Publish Date:Mon, 25 Jan 2021 09:27 AM (IST) Author: Pradeep Srivastava

गोरखपुर, जेएनएन। खर्राटा शरीर में आक्सीजन की मात्रा कम होने का लक्षण है। हमारे सभी अंगों को आक्सीजन चाहिए। जब इसकी मात्रा कम होने लगती है तो अंग ठीक से काम नहीं करते और धीरे-धीरे खराब होते जाते हैं। इसकी वजह से वजन व ब्लड प्रेशर बढऩे, सिर दर्द, कमजोरी, स्मृति कमजोर होने, हार्ट अटैक व पक्षाघात की आशंका रहती है। इसलिए इसे हल्के में न लें, खर्राटा की शिकायत होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। ऐसे मरीजों को सिगरेट व शराब का सेवन बंद कर देना चाहिए। 

यह बातें नाक कान व गला रोग विशेषज्ञ डा. अर्पित श्रीवास्तव ने कही। वह दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम हेलो डाक्टर में मौजूद थे। बड़ी संख्या में लोगों ने फोन पर उनसे परामर्श लिए। डाक्टर श्रीवास्तव ने सभी का उचित मागदर्शन किया। प्रस्तुत हैं सवाल-जवाब। 

सवाल- कान में सनसनाहट और सीटी जैसी आवाज आती है।-आकाश गुप्ता, कूड़ाघाट

जवाब- कान की नस कमजोर होने से ऐसा होता है। डाक्टर को दिखा लें। 

सवाल- नाक का आपरेशन हुआ था। कुछ दिन ठीक रहा। अब चेहरा सूज गया है और बलगम आ रहा है। -आरएस भाटिया, राप्तीनगर

जवाब- ठंड में साइनस की दिक्कत बढ़ जाती है। ठंडी व खट्टी चीजों से परहेज करें। दही न लें। 

सवाल- खर्राटा की दिक्कत है। हमेशा सर्दी-जुकाम बना रहता है। -गुलाब दत्त मिश्र, बरगदवां

जवाब- एजर्ली की दिक्कत लग रही है। खर्राटा के लिए पहले वजन कम कर लें। न ठीक हो तो डाक्टर को दिखा लें। 

सवाल- 12 माह की बेटी है, पूरा साफ नहीं बोल पा रही है। -रामकुमार, साहबगंज

जवाब- दो-तीन साल मेें बोली साफ होती है। घबराएं नहीं। इंतजार करें। उम्र के साथ आवाज साफ हो जाएगी। 

सवाल- चार-पांच साल से नाक जाम रहती है। ड्राप डालते हैं तो राहत मिलती है। -शाहिद खान, आजाद चौक

जवाब- नाक की हड्डी टेढ़ी होने से यह समस्या आती है। डाक्टर को दिखा लें। ड्राप का साइड इफेक्ट होता है, इसलिए लंबे समय तक इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 

सवाल- सोते समय खर्राटे आते हैं। -श्रीकांत यादव, चौरिया

जवाब- वजन कम कीजिए। नियमित व्यायाम कीजिए। ठीक न हो तो डाक्टर को दिखा लीजिए। 

सवाल- दायीं नाक में पपड़ी पड़ जाती है। निकालने पर खून निकलने लगता है। -रमाशंकर जायसवाल, गोपलापुर

जवाब- पपड़ी हटाएं नहीं। सूख जाने पर तेल लगा दें। डाक्टर को दिखा लें। 

सवाल- कान के पर्दे में छेद है। गर्दन के पीछे जेनरेटर चलने जैसी आवाज आती है। -गंगा वर्मा, कौड़ीराम

जवाब- आपरेशन के बाद कान का पर्दा ठीक हो जाता है। आवाज आने की दवा चलती है। कान में तेल न डालें। नहाते समय रुई लगा लें ताकि पानी अंदर न जाने पाए। 

सवाल- हमेशा गले में कुछ अटका हुआ महसूस होता है। -रामदास यादव, सिकरीगंज

जवाब- मिर्च-मसाला से परहेज करें। ठंडी चीजों का सेवन न करें। गैस की समस्या हो तो उसका इलाज कराएं। 

सवाल- छह-सात माह से कान बह रहा है। -रंजना, राजी जगदीशपुर

जवाब- कान के अंदर इन्फेक्शन के कारण ऐसा होता है। डाक्टर को दिखा लें। 

सवाल- कोरोना ठीक होने के बाद किस तरह की समस्या आती है। -रवि, दुर्गाबाड़ी

जवाब- फेफड़े कमजोर हो सकते हैं। स्वाद व गंध न मिलने की समस्या आ सकती है। निमोनिया हो सकता है। ऐसे मरीजों को समय-समय पर डाक्टर से परामर्श लेते रहना चाहिए। 

सवाल- मेरा बच्चा दो साल का है। पहले बोलता था, अब बोलना बंद कर दिया है। -सोना, रसूलपुर

जवाब- उसे बच्चों के साथ खेलने दीजिए। बाल रोग विशेषज्ञ को दिखा लीजिए। 

सवाल- कान में खुजली होती रहती है। -महावीर अग्रवाल, अंधियारी बाग

जवाब- खुद से कान की सफाई न करें। डाक्टर को दिखाएं।

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