चेतावनी बिदु पार कर बह रही सरयू, बाढ़ का खतरा

24 घंटे में करीब दो मीटर बढ़ा नदी का जलस्तर

JagranThu, 17 Jun 2021 10:54 PM (IST)
चेतावनी बिदु पार कर बह रही सरयू, बाढ़ का खतरा

जागरण संवाददाता, दुबौलिया,बस्ती : लगातार हो रही बारिश के कारण सरयू नदी एक बार फिर उफान पर है। नदी का जलस्तर 24 घंटे में करीब दो मीटर बढ़ चुका है। प्रति घंटे दो सेमी. की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है।

गुरुवार को केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सरयू चेतावनी बिदु 91.73 मीटर से 27 सेमी ऊपर 92.00 मीटर पर प्रवाहित हो रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में हलचल भी तेज हो गई है। बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसी तरह नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो आने वाले 24 घंटे में तटबंध और नदी के बीच में स्थित कई गांव पानी से घिरने शुरू हो जाएंगे। वहीं जलस्तर बढ़ने से परियोजनाओं से चल रहे सारे काम प्रभावित हो गए हैं। विभाग कहीं-कहीं कुछ मजदूर लगाकर काम करा रहा है। बिसुन्दासपुर के अनुसूचित बस्ती के पास नदी कटान भी कर रही है। कटरिया चांदपुर तटबंध पर जहां स्थिति संवेदनशील है, वहीं गौरा-सैफाबाद तटबंध पर चल रही परियोजनाओं के काम समय से न पूरा होने के कारण निकटवर्ती गांव के ग्रामीण चितित हैं।

तटबंध व नदी के बीच बसी अनुसूचित बस्ती का अस्तित्व खतरे में दुबौलिया, बस्ती :

सरयू का अभिशाप कहें या प्रकृति का खेल ऐसा गांव जहां आठ महीने लोग अपने घर गृहस्थी में लगे रहते हैं तो बारिश के चार महीने शरणार्थी बनकर गुजर बसर करते हैं। बाढ़ की विभीषिका इस गांव को सरयू की लहरों में समेट लेती है यह दंश झेल रहा तटबंध और नदी के बीच बसा दुबौलिया ब्लाक का विशुन्दासपुर का एक मजरा, जिसे अनुसूचित बस्ती के नाम से जाना जाता है।

इस गांव में कुल करीब 24 परिवार निवास करते हैं। त्रिभुवन, रामचरन, सूरज, लाल बहादुर, बुद्धिसागर, राम अवध, अदालत ने बताया, पता नहीं किस जन्म का पाप है,जो हर साल सहना पड़ता है। चुनाव के समय क्षेत्रीय प्रतिनिधि एवं बाढ़ के समय अधिकारी विस्थापित करने की बात करते हैं लेकिन बाढ़ चली जाती है तो लोग भूल जाते हैं। अभी तक तो बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सिर्फ बाढ़ का दंश झेल रही थी अब तो बेघर होने का भी खतरा बढ़ गया है। नदी कटान करती हुई महज गांव से 200 मीटर दूर प्रवाहित हो रही है, जहां नदी पहले अगस्त-सितंबर में कटान करती थी वही नदी इस साल जून में ही कटान कर गांव की तरफ बढ़ रही है। प्रधान प्रतिनिधि नीरज सिंह ने बताया कि विस्थापित करने के लिए जमीन तलाश कर पट्टा कर राजस्व विभाग को बताया गया है लेकिन अभी तक पैमाइश न होने के कारण जमीन आवंटित नहीं हो पाया है।

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