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गोरखपुर में रेमडेसिविर के इस बैच पर लगी रोक, यह है कारण Gorakhpur News

गोरखपुर में रेमडेसिविर के एक बैच पर रोक लगा दी गई है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर में रेमडेसिविर के एक बैच की दवा में ड्रग विभाग को तकनीकी खामी मिली है। इसके बाद हड़कंप मच गया है। विभाग ने कोविफोर के बैच संख्या एचसीएल 21013 के उपयोग पर रोक लगा दी है। इस बैच की दवा की तलाश शुरू हो गई है।

Pradeep SrivastavaFri, 07 May 2021 11:46 AM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। श्रीमंत हेट्रो हेल्थ केयर लिमिटेड कोविफोर ब्रांड नाम से रेमडेसिविर बनाती है। इसके एक बैच की दवा में ड्रग विभाग को तकनीकी खामी मिली है। इसके बाद हड़कंप मच गया है। विभाग ने कोविफोर के बैच संख्या एचसीएल 21013 के उपयोग पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं इस बैच की दवा की तलाश भी शुरू हो गई है। विभाग इसके लिए रिकार्ड खंगाल रहा है कि किस दुकानदार ने यह दवा मंगाई है।

गुरुवार को औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण अधिकारी एके जैन ने पत्र भेज कर ड्रग विभाग जांच का निर्देश दिया है। इस कंपनी की डीलरशिप एक ही व्यापारी के पास है। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने डीलर से अब तक मिली दवा का ब्योरा और उसके बैच नंबर का रिकार्ड तलब किया है। उन्होंने बताया कि शासन से जारी अलर्ट का पत्र मिला है। रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। इस बाबत अस्पतालों से भी ब्योरा लिया जाएगा।

मामला संज्ञान में आया है। इस दवा की एजेंसी एक ही फर्म के पास है। स्टाकिस्ट से संगठन ने संपर्क किया। उस बैच नंबर की दवा जिले में नहीं आई है। औषधि विभाग भी अपने स्तर से जांच कर रहा है। - आलोक चौरसिया, महामंत्री, दवा विक्रेता समिति।

वैक्सीन खत्म, कई केद्रों पर नहीं लगा टीका, निराश लौटे लोग

कोविड वैक्सीन की कमी के चलते टीकाकरण परवान नहीं चढ़ पा रहा है। विभाग के पास लगभग सात हजार डोज बची हुई है। शासन से वैक्सीन आई नहीं, इसलिए शुक्रवार के टीकाकरण संकट मंडरा रहा है। 45 पार लोगोें के लिए स्टोर में 5150 व टीकाकरण केंद्रों पर दो हजार डोज उपलब्ध है। 18 से अधिक उम्र वालों के लिए मात्र 80 डोज वैक्सीन बची हुई है। जबकि शुक्रवार को 16 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है। विभाग की समझ में नहीं आ रहा कि यह कैसे पूरा होगा। निजी अस्पतालों में बची वैक्सीन मंगाने की तैयारी चल रही है।

गुरुवार को ज्यादातर बूथों पर लोग टीका लगवाने पहुंचे और निराश होकर लौटना पड़ा। ब्रह्मपुर स्वास्थ्य केंद्र पर केवल 140 डोज थी। दोपहर बाद खत्म हो गई। चरगांवा में केवल 18 पार लोगों को टीका लग सका। 45 पार लोगों को लौटा दिया गया। वैक्सीन न पहुंचने से गोला स्वास्थ्य केंद्र, पकडी, चिलवा व नेवाइचपार में टीका नहीं लगाया जा सका। गजपुर में भी वैक्सीन नहीं पहुुंची। टीका न होने से पिपराइच, हरपुर, उनौला व बेलवा खुर्द में टीका नहीं लग सका। नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नेतवर व चौरीचौरा में भी वैक्सीन नहीं पहुंची और लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।

22 दिन से बंद है टीकाकरण

जंगल धूसड़ स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 13 अप्रैल से ही टीकाकरण बंद है। नोडल अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने बताया कि दो मार्च से शुरू हुआ टीकाकरण 13 अप्रैल तक चला। वैक्सीन मिलते ही पुन: टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा।

4843 लोगों को लगाई गई वैक्सीन

वैक्सीन की कमी के चलते गुरुवार को सिर्फ 37 केंद्रों पर टीकाकरण हुआ। जिसमें 4843 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। 3426 को व 1417 को दूसरी डोज लगाई गई। शुक्रवार को 10 केंद्रों पर 18 साल से अधिक उम्र के युवाओं का भी टीकाकरण हुआ। इन 10 केंद्रों पर दो हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य था। जिसमें 1871 लोगों को टीका लगा।

वैक्सीन की उपलब्धता पर ही टीकाकरण होगा। हमारी टीमें लगतार प्रयास कर रही हैं। जैसे ही वैक्सीन आ जाएगी। सभी बूथों पर टीकाकरण शुरू करा दिया जाएगा। अभी जो वैक्सीन हमारे पास है, उसी से काम चलाया जा रहा है। - डा. सुधाकर पांडेय, सीएमओ।


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