आयुष्‍मान भारत योजना : 3026 जन सेवा केंद्रों से बनाए जाएंगे 11.5 लाख गोल्डेन कार्ड

जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए अभियान शुरू हो गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत चिह्नित 15 लाख लाभार्थियों में से अभी केवल 3.5 लाख लोगों का ही गोल्डेन कार्ड बना है। जिलाधिकारी ने बाकी बचे लाभर्थियों का कार्ड बनाए जाने का निर्देश दिया है।

Navneet Prakash TripathiSat, 25 Sep 2021 02:47 PM (IST)
3026 जन सेवा केंद्रों से बनाए जाएंगे 11.5 लाख गोल्डेन कार्ड। प्रतीकात्‍मक फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए अभियान शुरू हो गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत चिह्नित 15 लाख लाभार्थियों में से अभी केवल 3.5 लाख लोगों का ही गोल्डेन कार्ड बना है। जिलाधिकारी ने 15 दिनों के भीतर सभी लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनवाने का निर्देश दिया है और इसके लिए जिले में संचालित होने वाले 3026 जन सेवा केंद्रों के संचालकों को जिम्मेदारी दी गई है। इन केंद्रों से अगले 15 दिनों में 11.5 लाख गोल्डेन कार्ड बनाए जाएंगे। इसके साथ ही जो कार्ड बन चुके हैं और लोगों को नहीं मिले, उसे प्रिंट कराकर वितरित भी करवाना होगा।

जन सेवा केंद्रों पर मिलती है दो सौ से अधिक प्रकार की सेवा

जिले में ग्रामीण स्तर पर 2600 जन सेवा केंद्र संचालित हैं। इसके साथ ही शहर क्षेत्र में 426 केंद्रों का संचालन होता है। अधिकतर गांव एवं वार्डों के मोहल्लों में जन सेवा केंद्र संचालित होते हैं। यहां से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों के अलावा करीब 200 से अधिक प्रकार की सेवाएं दी जा सकती हैं। जमीनी स्तर पर नेटवर्क होने के कारण जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डेन कार्ड बनवाने का जिम्मा इन केंद्रों के संचालकों को दिया गया है। उनके पास पात्र लाभार्थियों की सूची होगी और उनसे संपर्क कर उनका कार्ड बनवाना होगा।

पोर्टल से लिंक की गई कार्ड धारकों की सूची

इसके साथ ही पोर्टल से अंत्योदय कार्ड धारकों की सूची भी लिंक कर दी गई है। इसकी सहायता से भी लाभार्थियों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। एक कार्ड पर केंद्र संचालकों को तुरंत 15 रुपये का कमीशन भी मिलेगा। इस कार्य में आयुष्मान मित्र, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्रधान एवं पार्षदों को उनका सहयोग करने को कहा गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत गोरखपुर में ही करीब 100 निजी अस्पताल संबद्ध हैं। इन अस्पतालों में गोल्डेन कार्ड के जरिए बीमारियों का निश्शुल्क इलाज कराया जा सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को इस कार्ड के कारण काफी फायदा होता है। जागरूकता की कमी व जिम्मेदारों द्वारा ध्यान न देने के कारण धरातल पर इसका अनुपालन ठीक से नहीं कराया जा सका था। जो केंद्र संचालक इस अभियान में अच्छा काम करेंगे, उनका सम्मान भी किया जाएगा।

जरूरतमंद परिवारों को मिलेगी स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा

जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना से जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलती है। पांच लाख रुपये तक का इलाज निजी अस्पतालों में भी निश्शुल्क कराया जा सकता है। जिले में अभियान चलाकर सभी लाभार्थियों का कार्ड बनवाया जा रहा है। इसके लिए जन सेवा केंद्र संचालकों को भी जिम्मेदारी दी गई है। आशा, एएनएम, प्रधान, पार्षद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी उनका सहयोग करेंगे। सबको मिलकर इस योजना से सभी जरूरतमंदों को आच्छादित करना होगा।

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