टीटीई और यात्रियों की उदासीनता, तीन माह में नहीं खुला पीओएस का खाता

इसे आनलाइन व्यवस्था के प्रति टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई) और यात्रियों की उदासीनता कहें या इंटरनेट सिस्टम की खामी। वाराणसी मंडल के गोरखपुर पूर्व में प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) से तीन माह में एक भी रुपये का लेनदेन नहीं हुआ है।

Navneet Prakash TripathiThu, 02 Dec 2021 02:08 PM (IST)
टीटीई और यात्रियों की उदासीनता, तीन माह में नहीं खुला पीओएस का खाता। प्रतीकात्‍मक फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। इसे आनलाइन व्यवस्था के प्रति टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई) और यात्रियों की उदासीनता कहें या इंटरनेट सिस्टम की खामी। वाराणसी मंडल के गोरखपुर पूर्व में प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) से तीन माह में एक भी रुपये का लेनदेन नहीं हुआ है। गोरखपुर पूर्व के टीटीई एक सितंबर से ही पीओएस लेकर ढो रहे हैं। गोरखपुर पूर्व के टीटीई को 59 सहित पूर्वोत्तर रेलवे में 896 पीओएस दी गई है।

ट्रेन में नहीं मिलता पीओएस का इंटरनेट कनेक्‍शन

टिकट चेकिंग स्टाफ का आरोप है कि ट्रेनों में पीओएस का इंटरनेट कनेक्शन रेगुलर नहीं पकड़ता है। ट्रेन जैसे ही गोरखपुर से आगे बढ़ती है, सिस्टम जवाब दे जाता है। पीओएस का इंटरनेट कनेक्शन टू जी है, जबकि ट्रेनों में फोर जी ही सही कार्य करता है। आम यात्री भी आनलाइन भुगतान को लेकर संकोच करते हैं। ऐसे में अभी भी एक्सेस फेयर टिकट (ईएफटी) की प्रक्रिया चल रही है। जानकारों का कहना है कि पीओएस का उपयोग नहीं होने से स्टेट बैंक प्रशासन भी बैकफुट पर आ गया है।

बिना सोचे-समझे लागू किया गया सिस्‍टम

इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ आर्गनाइजेशन के संरक्षक टीएन पांडेय कहते हैं कि रेलवे प्रशासन ने बिना सोचे-समझे सिस्टम लागू कर दिया है। अभी तक इसकी उपयोगिता साबित नहीं हो पाई है। एक तो इस सिस्टम को लेकर सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। पीओएस

कुछ घंटें में ही डिस्‍चार्ज हो जाती है मशीन

कुछ घंटे में ही डिस्चार्ज हो जाती है। रनिंग रूम में भी मशीन को रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। टीटीई परेशान रहते हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से टीटीई को पीओएस दी गई है। प्रयास किया जा रहा है कि इसका उपयोग व्यापक रूप से हो सके।

स्टेशन बैंक के सहयोग से उपलब्ध कराई गई है पीओएस

पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआइ) के सहयोग से यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट चेकिंग स्टाफ को पीओएस मुहैया कराया है। ताकि, लोगों को रास्ते में किराये और जुर्माने के भुगतान को लेकर परेशान न होना पड़े। यात्री एटीएम कार्ड ही नहीं पेटीएम, योनो, गूगल पे और भीम एप से भी भुगतान कर सकें। जो भी भुगतान होगा, सीधे एसबीआइ के रेलवे खाता में पहुंच जाएगा। लोगों को राहत तो मिलेगी ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी। टीटीई को भी रास्ते में पैसा सहेजने और उसे काउंटर पर जमा करने से छुटकारा मिलेगा। लेकिन यह योजना परवान चढ़ने से पहली ही धराशायी हो गई है।

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