बंडा नाले के पुल के बगल में बना वैकल्पिक मार्ग कटा, मेंहदावल-खलीलाबाद मार्ग पर आवागमन ठप

संतकबीर नगर जिले में मेंहदावल-खलीलाबाद मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है।बखिरा के निकट बंडा नाले पर हो रहे पुल निर्माण के दौरान वैकल्पिक मार्ग की दुर्दशा का है। वैकल्पिक मार्ग को भी जल निकासी के लिए जेसीबी लगाकर तोड़ दिया गया है।

Rahul SrivastavaTue, 22 Jun 2021 11:10 AM (IST)
बंडा नाला पुल के पास कीचड़ में फंसा मोटरसाइकिल सवार युवक। जागरण

गोरखपुर, जेएनएन : संतकबीर नगर जिले में मेंहदावल-खलीलाबाद मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। बात कुछ और नहीं, इस मार्ग पर बखिरा के निकट बंडा नाले पर हो रहे पुल निर्माण के दौरान वैकल्पिक मार्ग की दुर्दशा का है।

वैकल्पिक मार्ग को जलनिकासी के लिए तोड़ा गया

बंडा नाले पर पुल का निर्माण कार्य एक माह पहले पूरा हो गया है। अभी इसका एप्रोच नहीं बन सका है। इसी दौरान बारिश से वैकल्पिक मार्ग को भी जल निकासी के लिए जेसीबी लगाकर तोड़ दिया गया है। इससे जिला मुख्यालय तक जाने के लिए सभी के पास सिर्फ पिपरा-बोरिंग-बघौली मार्ग का सहारा रह गया है। यह सड़क भी बदहाल है और इससे जाने पर खलीलाबाद की दूरी 24 की बजाय 40 किमी पड़ती है। नतीजा है कि दो दिनों से मेंहदावल निवासियों को खलीलाबाद पहुंचना कठिन हो गया है। नंदौर से कटकर बखिरा पहुंचने का भी प्रयास वाहन सवार नहीं कर रहे हैं, यह सड़क काफी अधिक खराब हो चुकी है। क्षेत्रीय निवासी राम अधीन, असगर अली, दीनानाथ, नागेंद्र नाथ शुक्ल आदि ने कहा कि बंडा नाला पुल का एप्रोच मार्ग मनामाने रूप से बनाया गया। इसके नीचे पानी के बहाव के लिए ह्यूम पाइप नहीं डाला गया। रही बात सांथा से बघुआ तक की सड़क के नए निर्माण की तो इसके लिए कई बार उद्घाटन होने से अब विश्वास टूटने लगा है। मेंहदावल से खलीलाबाद मुख्यालय तक का सफर अब लोग छोड़ ही देंगे।

सरयू नदी का जलस्तर स्थिर पर खतरा बरकरार

धनघटा तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे से स्थिर हो गया है। बारिश का दौर रुक-रुककर जारी है। इसे लेकर नदी और बांध के बीच के गांव निवासियों को फिर से घरों के डूबने की आशंका सताने लगी है। सभी परिवार व अपने मवेशियों को बचाने के लिए अभी से सुरक्षित ठिकानों की तलाश करने लगे हैं।

सरयू का जलस्‍तर खतरे के निशान से नीचे

सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 60 सेंटीमीटर नीचे यानी कि 78.750 मीटर पर रहा। सुखद बात है कि बढ़त थम गई है। नदी की बढ़त रुकने से बाढ़ पीड़‍ित रहे गांव के निवासियों ने थोड़ी राहत महसूस की। यह अलग बात है कि रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी होने से इन लोगों द्वारा सुरक्षित ठिकानों की तलाश भी की जाने लगी है।

हर बार बाढ़ झेलकर टूट चुके हैं लोग

क्षेत्र के कंचनपुर, आगापुर, ढ़ोलबजा, पटौवा, गुनवतिया आदि के निवासियों का कहना कि हर बार बाढ़ की तबाही झेलकर वह लोग टूट चुके हैं। जयचंद , अमरदीप सिंह, सूर्यनारायण ,कंचन लता आदि ने कहा कि वह लोग इस बार भी अपना बोरिया बिस्तर बांध कर घर छोड़कर बंधे पर जाने की तैयारी कर चुके हैं। तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने बताया कि बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। नदी का जलस्तर स्थिर है। कहीं से कोई समस्या नहीं है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन हर स्तर से तैयार है।

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